पूरे देश में गांवों, छोटे कस्बों और दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे बड़े शहरों में एलपीजी के लिए लाइन लगी हुई है। कुकिंग गैस सिलेंडर खुलेआम ब्लैकमार्केट में बिक रहे हैं। बीजेपी शासित गुजरात के सूरत शहर में पेट्रोल के लिए लंबी लाइन देखी गई। लोग वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। लेकिन सरकार ने कहा कि एलपीजी, पेट्रोल, डीज़ल का कोई संकट नहीं है। हालांकि सरकार को आज बुधवार 25 मार्च को कई बार सफाई देना पड़ी। धमकी देना पड़ी। नया आदेश जारी करना पड़ा। उधर, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन किए हैं। 

सरकार की चेतावनी

मोदी सरकार ने बुधवार 25 मार्च को आदेश दिया है कि जहाँ पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपलब्ध है, वहाँ उपभोक्ताओं द्वारा इस पर स्विच न करने की स्थिति में एलपीजी (LPG) की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। और इसके लिए समय-सीमा भी शुरू हो चुकी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 25 मार्च को जारी नए आदेश के तहत, किसी घर को PNG उपलब्ध होने की सूचना मिलने के बाद उसके पास विकल्प चुनने के लिए केवल तीन महीने का समय होगा। यदि इस अवधि में PNG नहीं लिया गया, तो उस पते पर LPG की आपूर्ति पूरी तरह बंद होने का जोखिम रहेगा।

एलपीजी कहां है, लंबी लाइनें क्यों

सरकार कह रही है कि देश में एलपीजी, पीएनजी और पेट्रोल-डीज़ल का संकट नहीं है। सरकार ने आरोप लगाया कि झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। लेकिन सरकार को एलपीजी बुकिंग पर बुधवार को सफाई जारी करना पड़ा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों पर जबकि गांवों में 45 दिनों बाद ही बुकिंग कराई जा सकती है। लेकिन तमाम शहरों में एलपीजी कुकिंग गैस ब्लैक में खुलेआम बिक रही है। गैस एजेंसियों पर लोगों को गुमराह कर वापस भेज दिया जाता है। कई एजेंसियों पर पुलिस खड़ी है लेकिन एजेंसी के दफ्तर के अंदर से ब्लैक में सिलिंडर सप्लाई की पर्चियां दी जा रही हैं। इंडियन ऑयल, भारत गैस आदि के क्षेत्रीय अधिकारी गायब हैं। तेल कंपनियों का पोर्टल से बुकिंग सिस्टम बंद पड़ा है।

एलपीजी पर सरकार का नया आदेश चौंकाने वाला है

सरकार ने बुधवार को आदेश में स्पष्ट किया है कि एक बार किसी अधिकृत संस्था द्वारा यह सूचित कर दिया जाए कि उस घर तक PNG उपलब्ध है, तो LPG पर बने रहना अब विकल्प नहीं रहेगा। इस आदेश के अनुसार: ”ऐसे पते पर LPG की आपूर्ति सूचना की तारीख से तीन महीने बाद बंद कर दी जाएगी।” हालाँकि, इसमें एक शर्त भी है। यदि PNG कनेक्शन देना तकनीकी रूप से संभव नहीं है, तो आपूर्ति जारी रह सकती है, बशर्ते सप्लायर द्वारा नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया जाए।
सरकार के ऑयल सेक्रेटरी नीरज मित्तल ने इसे “संकट को अवसर में बदलने” जैसा कदम बताया और कहा कि यह व्यापक सुधारों का हिस्सा है, जिनका मकसद कारोबार प्रक्रियाओं को आसान बनाना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। पाइपलाइन कनेक्टिविटी वाले शहरों के घरों के लिए संदेश साफ है- PNG अपनाएँ या LPG की पहुँच खोने के लिए तैयार रहें।

सरकार का एलपीजी आंकड़ा पेश है, लेकिन एलपीजी कहां है

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार (25 मार्च, 2026) को कहा कि अब तक 26 राज्यों को 22,000 टन कमर्शल एलपीजी आवंटित की जा चुकी है और पिछले 25 दिनों में 2.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं। यानी सरकार े कमर्शल एलपीजी की सप्लाई बढ़ाई है। घरों में एलपीजी की सप्लाई पर सरकार खामोश है। उसकी सप्लाई सामान्य होने पर कोई भरोसा नहीं दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा था कि जिस तरह कोरोना काल में इस तरह के हालात से निपटा गया (यानी गैस, पेट्रोल की सप्लाई), उसी तरह इस बार भी निपट लेंगे। मोदी के बयान से साफ पता चल रहा है कि आवश्यक वस्तुओं को लेकर संकट है। लेकिन सरकार ने बुधवार को कहा कि कोई संकट नहीं है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने बुधवार (25 मार्च) को खाना पकाने की गैस की मौजूदा कमी को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणियों ने जनता में अनावश्यक दहशत पैदा कर दी है। स्टालिन ने कहा कि मौजूदा स्थिति की तुलना कोविड-19 काल से करने से उन लोगों में और भी डर पैदा हो गया है जो पहले से ही एलपीजी सिलेंडरों की कमी से जूझ रहे हैं।

सूरत, अहमदाबाद, हैदराबाद, चेन्नई में पेट्रोल-डीजल के लिए लंबी लाइन

बीजेपी शासित गुजरात में बुधवार को सूरत और अहमदाबाद में पेट्रोल-डीज़ल लेने वालों की लंबी लाइनें देखी गईं। पेट्रोल पंपों पर अफवाह की वजह से ज्यादा भीड़ बढ़ी। अफवाह फैली कि पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ने वाले हैं। जल्द ही स्टॉक खत्म हो जाएगा। लोग घबराहट में पेट्रोल पंपों पर टूट पड़े। इसी तरह की लाइनें हैदराबाद (तेलंगाना) में देखी गईं। कई वाहन ड्राइवरों ने शिकायत की कि वे जब डीज़ल भराने पहुंचे तो न पेट्रोल था और न ही डीज़ल।

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया। इसका नेतृत्व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया। कांग्रेस ने कहा कि देश भर में LPG सिलेंडर के लिए लोग परेशान हैं। गैस एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगाने को मजबूर हैं। नरेंद्र मोदी जनता को अपने हाल पर छोड़कर मौज कर रहे हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारी का जरा भी एहसास नहीं है। उधर, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा के सामने एलपीजी संकट को लेकर प्रदर्शन किया।