केंद्र सरकार नियंत्रित तेल कंपनियों ने सोमवार, 25 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी। यह इस महीने की चौथी बढ़ोतरी है। पेट्रोल की कीमत औसतन 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ी है। दिल्ली में पेट्रोल अब 102 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है, जबकि डीजल 95 रुपये के करीब है। विपक्ष ने इस बढ़ोतरी पर जबरदस्त हमला किया है। 

15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी में अब तक कुल करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है। सरकार ग्लोबल तेल कीमतों के बढ़ने की दुहाई दे रहा है। लेकिन विपक्ष इस बढ़ोतरी के लिए सरकार की नीतियों को भी जिम्मेदार बता रहा है। 

राहुल गांधी का तीखा हमला

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने तेल कीमतों के बढ़ने पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया दी है। राहुल ने एक्स पर लिखा है- महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला। पेट्रोल-डीज़ल के दाम किश्तों में बढ़ाते हैं - ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे। मैं महीनों से आर्थिक तूफान आने की बात कह रहा था। पर मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे- और चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल ₹8 महंगा कर दिया। और, ये बढ़त होती ही जाएगी। महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है - चुनाव में वादे, और बाक़ी समय जनता की जेब पर वार।
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किस्तों में लूटा जा रहा हैः खड़गे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे “किस्तों में लूट” करार दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें कम थीं तब लाभ जनता को नहीं दिया गया, लेकिन अब बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजाना पेट्रोल-डीजल पर हजारों करोड़ रुपये टैक्स वसूल रही है। खड़गे ने लिखा कि पेट्रोल 100 रुपये पार कर गया है, आम नागरिक की कमाई को किस्तों में लूटा जा रहा है। खड़गे ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एआई से तैयार एक पोस्टर भी जारी किया है। जिसे आप उनके ट्वीट के साथ नीचे देख सकते हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बढ़ोतरी पर तंज कसते हुए साइकिल का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है। अखिलेश ने पहले ही चेतावनी दी थी कि चुनाव के बाद दाम बढ़ेंगे और आम आदमी पर बोझ पड़ेगा।
टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) ने भी केंद्र की नीतियों की आलोचना की। पार्टी ने इसे मध्यम वर्ग और आम जनता पर हमला बताया। टीएमसी नेताओं ने कहा कि बढ़ोतरी से परिवहन, किराना और दैनिक जीवन महंगा हो जाएगा। पार्टी ने पहले भी ईंधन कीमतों पर विरोध प्रदर्शन किए हैं।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लिखा है- प्यारे देशवासियों मोदी जी के लिए आप मात्र एक वोट हैं। चुनाव ख़त्म ज़रूरत ख़त्म। वैसे अंधभक्त तो 200 रू तक पेट्रोल ख़रीदने को तैयार हैं।
शिवसेना यूबीटी नेता और पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा है- जनता का खून पीने के बाद, रिकॉर्ड तोड़ महँगाई के बाद देश की तेल कंपनी रिकॉर्ड तिमाही प्रॉफिट डिक्लेअर कर रहीं हैं । ग़ज़ब सरकार है - जनता त्रस्त, तेल कंपनियाँ मस्त!
अन्य विपक्षी दलों ने भी इसे चुनाव के बाद की “वसूली” बताया और मांग की कि केंद्र उच्च टैक्स कम कर जनता को राहत दे।

सरकार का पक्ष

सरकारी तेल कंपनियां कह रही हैं कि चार साल तक कीमतें फ्रीज रखने के बाद अब घाटे की भरपाई के लिए यह कदम जरूरी हो गया। वैश्विक संकट के चलते कंपनियां भारी नुकसान उठा रही थीं।यह बढ़ोतरी आम आदमी, परिवहन, कृषि और उद्योग पर असर डालेगी तथा मुद्रास्फीति बढ़ाने वाली मानी जा रही है। विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए देशव्यापी विरोध की तैयारी में है।