National Testing Agency (एनटीए) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। एजेंसी ने मंगलवार 12 मई को एक्स पर जारी बयान में कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा तारीख की घोषणा बाद में आधिकारिक माध्यमों से की जाएगी। सरकार के इस फैसले से देश के 22 लाख से ज्यादा युवक प्रभावित हुए हैं। अब इन्हें फिर से तैयारी कर परीक्षा देना होगी।

केंद्रीय एजेंसियों से बात के बाद लिया गया फैसलाः एनटीए

एनटीए ने कहा कि उसने 8 मई 2026 को इस मामले को स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेजा था। एजेंसी के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसियों और कानून प्रवर्तन संस्थाओं से मिले इनपुट तथा जांच निष्कर्षों की समीक्षा के बाद यह पाया गया कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को बरकरार नहीं रखा जा सकता। हालांकि राजस्थान पुलिस ने हाथ से लिखे गए गेस पेपर के 140 सवालों को मिलान 3 मई की परीक्षा के पेपर से किया था। जिसे हूबहू पाया गया। लेकिन एनटीए ने अपने बयान इसका जिक्र नहीं किया है। जबकि सीकर में लीक हुए पेपर की जांच में राजस्थान पुलिस को ही सबसे बड़ी सफलता मिली है।

सीबीआई करेगी मामले की जांच

एनटीए ने कहा कि सीबीआई को पूरे मामले की व्यापक जांच सौंपी जाएगी। सरकार ने आरोपों की विस्तृत जांच के लिए मामले को सीबीआई के पास भेजने का फैसला किया है। एनटीए ने कहा कि वह जांच एजेंसी को सभी रिकॉर्ड, दस्तावेज और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी।
बयान में कहा गया है कि यह फैसला छात्रों के हित और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली पर जनता के भरोसे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। एजेंसी ने माना कि दोबारा परीक्षा होने से छात्रों और उनके परिवारों को असुविधा होगी, लेकिन एनटीए के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था।

एनटीए ने स्पष्ट किया कि मई 2026 के लिए किए गए रजिस्ट्रेशन, उम्मीदवारों की पात्रता और चुने गए परीक्षा केंद्र दोबारा आयोजित परीक्षा में भी मान्य रहेंगे। छात्रों को फिर से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी और उनसे कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। एजेंसी ने यह भी कहा कि छात्रों द्वारा पहले जमा की गई परीक्षा फीस वापस की जाएगी और फिर से परीक्षा एनटीए अपने आंतरिक संसाधनों के जरिए आयोजित करेगा।

एनटीए के अनुसार, पुनर्परीक्षा की तारीखें और नए एडमिट कार्ड जारी करने का कार्यक्रम जल्द ही एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य आधिकारिक माध्यमों से जारी किया जाएगा। छात्रों और अभिभावकों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने की अपील की गई है।

सीकर में सबसे पहले सामने आया था हाथ से लिखा गेस पेपर

राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की जांच में पाया गया है कि परीक्षा से पहले सीकर में हाथ से लिखा गया 'गेस पेपर' घूम रहा था। जिसमें से 140 सवाल 3 मई को असली परीक्षा पेपर से बिल्कुल मैच कर गए। ये सवाल 600 मार्क्स के थे, जो कुल 720 मार्क्स के पेपर का बड़ा हिस्सा हैं।
हाथ से लिखा गेस पेपर 1 मई 2026 को राजस्थान के सीकर में सामने आया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से अधिक प्रश्न हाथ से लिखे गए थे। पूरे दस्तावेज़ में एक ही हैंडराइटिंग थी। जांच के अनुसार, कई पदों के पदों का क्रम भी वास्तविक पेपर से मेल खाता था। इन बच्चों की कमाई 20,000 रुपये से 2 लाख रुपये तक हो गई। एक रात पहले परीक्षा से इसकी कॉपी 30,000 रुपये में मिल रही थी। ऑटोमोबाइल्स टेक्नोलॉजीज प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया पर तेजी से हलचल मच गई। कई चैट्स में "कई बार फॉरवर्ड किया गया" लिखा था।

पेपर लीक का केरल से भी लिंक

राजस्थान पुलिस ने मटीरियल को चूरू के एक एमबीबीएस छात्र तक ट्रेस किया है, जो फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है। उसने 1 मई को सीकर में अपने दोस्त को यह मटीरियल शेयर किया, जिसके बाद यह पीजी हॉस्टल्स, कोचिंग नेटवर्क, करियर काउंसलर्स और छात्रों के बीच तेजी से फैल गया। सीकर के एक पीजी ऑपरेटर पर भी शक है। उसने मटीरियल प्राप्त करने और फॉरवर्ड करने और परीक्षा के बाद पुलिस और एनटीए से शिकायत की। जांचकर्ता इसे खुद को बचाने की कोशिश मान रहे हैं। पुलिस जांच में पता लगाया जा रहा है कि क्या यह सिर्फ सटीक गेस पेपर था या असली पेपर लीक का हिस्सा? यह कितने छात्रों तक पहुंचा? क्या कोई संगठित गिरोह इसमें शामिल था? ऑफलाइन प्रिंटेड कॉपियां भी बांटी गईं या नहीं?

राजस्थान की भाजपा सरकार ने मामले को छिपाने की कोशिश कीः गहलोत

राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने इसके लिए राज्य की बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। गहलोत ने एक्स पर लिखा- NEET (UG) प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर दो सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर और सीबीआई को जांच सौंपकर युवाओं के हित में एक साहसिक निर्णय लिया है। राजस्थान की भाजपा सरकार ने पहले कर्मचारी चयन बोर्ड में हुए OMR शीट घोटाले को छिपाया, ताकि सरकार की बदनामी न हो। कमजोर पैरवी के कारण उस मामले के आरोपियों को जमानत भी मिल गई। इसी प्रकार, अब NEET (UG) परीक्षा लीक की जानकारी को भी छिपाने का प्रयास किया गया और एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। अब सच्चाई सामने आ गई है और भाजपा सरकार का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।

परीक्षा रद्द होने के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस ने नीट परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद एक्स पर कहा- इस परीक्षा के रद्द होने से करीब 22 लाख छात्रों की कड़ी मेहनत, उनके परिवार का पैसा... सब पानी में चला गया। ये पहली बार नहीं है- मोदी सरकार में 10 साल के अंदर 89 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं। 
पेपर लीक और परीक्षा में धांधली BJP सरकार की पहचान बन चुकी है, जहां सरकार के संरक्षण में पल रहे पेपर लीक माफिया छात्रों का भविष्य तबाह कर रहे हैं। पेपर लीक से हर साल लाखों सपने टूटते हैं, छात्रों का जीवन उजड़ जाता है, लेकिन उनका दर्द BJP नेताओं को नजर नहीं आता, क्योंकि उनके बच्चे तो विदेश में मजे से पढ़ाई कर रहे हैं। सच है- नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने परीक्षा के सिस्टम को खोखला कर दिया है, जहां युवाओं के सपनों का गला घोंटा जा रहा है और देश की नींव कमजोर की जा रही है। शर्म आनी चाहिए।

नीट पेपर लीक पर राहुल गांधी ने सरकार पर हमला किया

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा- NEET 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी। परीक्षा नहीं - NEET अब नीलामी है। कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले WhatsApp पर बिक रहे थे। 22 लाख से ज़्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आँखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाज़ार में सरेआम नीलाम हो गया। यह पहली बार नहीं है। 10 साल में 89 पेपर लीक - 48 बार दोबारा परीक्षा। हर बार वही वादे, और फिर वही ख़ामोशी। मोदी जी, जब आप अपनी हर नाकामी का बिल जनता पर डालते हैं, तो ग़रीब के बच्चों का भविष्य भी उसी बिल में आता है। 22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है। और मोदी सरकार से बड़ा ख़तरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं। 
मैं भारत के युवा के साथ हूँ। यह वक़्त बेहद मुश्किल है - मैं जानता हूँ। लेकिन यह व्यवस्था ऐसे नहीं रहेगी। हम मिलकर इसे बदलेंगे।

परीक्षा रद्द होने के बाद केजरीवाल की प्रतिक्रिया

पेपर लीक के आरोपों के बीच NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, "यह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा के पेपर लीक हुए हैं। ऐसा चार बार हो चुका है। इसका सीधा मतलब है कि इसमें मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण है। इस देश में क्या हो रहा है? जो लोग ठीक से परीक्षा नहीं करा सकते, वे सरकार कैसे चलाएंगे? यह पूरी तरह से मिलीभगत का मामला है। मेरी सहानुभूति उम्मीदवारों के साथ है। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि यह सरकार सिर्फ 'आंदोलन' की भाषा समझती है और केजरीवाल उनके साथ खड़े रहेंगे।"