नॉर्वे में पत्रकार विवाद के बीच नेता विपक्ष राहुल गांधी ने नॉर्वे पेंशन फंड से अडानी ग्रीन एनर्जी के पोर्टफोलियों को बाहर किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मोदी की नॉर्वे की यात्रा को इस घटनाक्रम से जोड़कर देखा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा और नॉर्वे के पेंशन फंड द्वारा अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों को अपने पोर्टफोलियो से हटाने के मामले में सवाल उठाया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा कि क्या नॉर्वे ने अडानी को पेंशन फंड की ब्लैकलिस्ट से हटाने के लिए उनके "व्यक्तिगत अनुरोध" को मंजूर कर लिया है। राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में यह टिप्पणी की।
राहुल गांधी ने लिखा, "हमें इन दिनों बहुत अच्छी जानकारी मिल रही है। मोदी जी, क्या नॉर्वे ने अडानी को अपने पेंशन फंड की ब्लैकलिस्ट से हटाने के लिए आपके व्यक्तिगत अनुरोध को मंजूर कर लिया है?"
उन्होंने अपनी पोस्ट में दो खबरों की तस्वीर भी लगाई। एक 27 फरवरी की खबर थी जिसमें लिखा था - "नॉर्वे के पेंशन फंड ने अडानी ग्रीन एनर्जी को अपने पोर्टफोलियो से हटा दिया"। दूसरी 18 मई की खबर थी जिसमें कहा गया था - "पीएम मोदी नॉर्वे का ऐतिहासिक दौरा शुरू कर रहे हैं - 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा"।
नॉर्वे में अडानी को झटके पर झटका
नॉर्वे का सॉवरेन वेल्थ फंड, जो दुनिया का सबसे बड़ा फंड है और इसकी वैल्यू 1.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है, ने फरवरी 2026 में अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) को अपने पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया। नॉर्गेस बैंक ने मई 2024 में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड को पहले ही बाहर किया था।
गंभीर वित्तीय अपराध का मामला
फंड ने "ग्रॉस करप्शन या अन्य गंभीर वित्तीय अपराध" को आधार बताते हुए यह फैसला लिया, हालांकि इसकी कोई विस्तृत व्याख्या नहीं दी गई। जब जुलाई 2020 में नॉर्गेस बैंक ने AGEL के शेयर खरीदे थे, तब शेयर की कीमत 341 रुपये थी। 27 फरवरी को यह 944 रुपये पर पहुंच गई थी।
अडानी समूह की प्रतिक्रिया
अडानी ग्रीन एनर्जी ने इस पर तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि उद्योग के सूत्रों ने कहा कि एक फॉसिल फ्यूल फंड कंपनी अडानी के खिलाफ नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहा है।
यह घटनाक्रम पीएम मोदी के नॉर्वे दौरे के दौरान आया है। पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला नॉर्वे का यह दौरा हो रहा है। राहुल गांधी ने इन दोनों घटनाओं को जोड़कर प्रधानमंत्री पर व्यंग्य किया। यह खबर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि अडानी समूह के साथ विपक्षी दलों के आरोप-प्रत्यारोप अक्सर सामने आते रहते हैं।
नॉर्वे की पत्रकार का विवाद
नॉर्वे की पत्रकार हेल्ले लिंग स्वेन्डसन ने पीएम मोदी से नॉर्वे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछना चाहा तो उस पर खासा विवाद हो गया।। राहुल ने उस मुद्दे पर एक्स पर लिखा- जब छिपाने के लिए कुछ नहीं होता, तो डरने की कोई बात नहीं होती। जब दुनिया एक समझौतावादी प्रधानमंत्री (Compromised PM) को कुछ सवालों से घबराते और भागते हुए देखती है, तो भारत की छवि पर क्या असर पड़ता है? राहुल ने नॉर्वे की उस महिला पत्रकार का वीडियो शेयर किया तो उसने राहुल गांधी से इंटरव्यू देने को कहा। नॉर्वे की पत्रकार ने राहुल को संबोधित करते हुए ट्वीट भी किया।