पेट्रोल और डीजल के दामों में पांच दिनों के अंदर दूसरी बार बढ़ोतरी होने पर विपक्ष ने मोदी सरकार को कोसा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और संजय राउत जैसे विपक्षी नेताओं ने कहा कि सरकार आम लोगों पर बोझ डाल रही है और कॉर्पोरेट घरानों के हितों की रक्षा कर रही है। तेल कंपनियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से यह बढ़ोतरी की गई है। लेकिन विपक्षी नेता और सोशल मीडिया यूजर 2014 के समय के कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल के दाम की तुलना आज के समय में इन दामों से कर रहे हैं।

ऐसी प्रतिक्रियाएँ इसलिए आ रही हैं क्योंकि तेल कंपनियों ने पहली बार 15 मई को 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की। फिर दूसरी बार 19 मई को लगभग 87-91 पैसे प्रति लीटर की अतिरिक्त बढ़ोतरी की। अब दिल्ली में ताज़ा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की क़ीमत 98.64 प्रति लीटर और डीजल की क़ीमत 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यानी कुल मिलाकर दो बार में यह बढ़ोतरी क़रीब 4 रुपये की हो गई है। इस बढ़ोतरी के बाद विपक्षी दल मोदी सरकार के ख़िलाफ़ टूट पड़े। कांग्रेस ने इस पर बड़ा हमला बोला है।

मल्लिकार्जुन खड़गे का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार पहले लोगों से बचत करने की बात करती है, फिर अपनी नाकामियों का बोझ आम आदमी पर डाल देती है। खड़गे ने आगे कहा कि चुनाव से पहले दाम नहीं बढ़ाए गए क्योंकि सरकार को बड़ा झटका लगने का डर था। चुनाव के बाद अब दाम बढ़ा दिए गए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, 'सरकार आम लोगों को लूट रही है और गौतम अडानी जैसे उद्योगपतियों के हित बचाए जा रहे हैं।' उन्होंने रूस से तेल खरीदने का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि सरकार को अमेरिका से एक महीने का समय मांगना पड़ा। खड़गे ने कहा कि इससे देश की इज्जत को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि भाजपा में दूरदर्शिता और सही नेतृत्व की कमी है।
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राहुल गांधी का बयान

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, 'पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। जब इनके दाम बढ़ते हैं तो सारी चीजें महंगी हो जाती हैं क्योंकि माल ढोने के लिए ट्रक-बस इन्हीं ईंधन पर चलते हैं। मैं रोज नरेंद्र मोदी से कह रहा हूं कि लोगों की मदद कीजिए, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों की रक्षा कीजिए, लेकिन वे मदद नहीं करना चाहते।'

अखिलेश यादव का हमला

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने चेतावनी दी, 'जब पेट्रोल-डीजल महंगा होता है तो हर जरूरी चीज महंगी हो जाती है। सरकार आंकड़े क्यों भूल जाती है कि रुपया कितना गिर रहा है? जनता सावधान रहे, भाजपा और दाम बढ़ाएगी। गैस सिलेंडर भी और महंगा होगा।' इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, '...सरकार वो आंकड़े देना क्यों भूल जाती है कि हमारा रुपया और कितना गिरेगा? क्या पाताल लोक में जाकर रुपए को ढूंढेंगे? क्या रुपया इतना नीचे जाएगा?'
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शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने व्यंग्य करते हुए कहा, “इसमें नया क्या है? यह होना ही था। अगर आप भाजपा समर्थक हैं तो ‘जय श्री राम’ का जाप कर लीजिए, दाम 10 रुपये कम हो जाएंगे। यही भाजपा का मंत्र है।”
राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने एक्स पर एक वीडियो जारी कर पूछा है, 'मोदी जी ने 2014 में शपथ ली थी, तब कच्चे तेल की कीमत $108 प्रति बैरल थी। एक हफ्ता पहले भी कच्चे तेल की कीमत $108 प्रति बैरल थी। 2014 में डीज़ल की कीमत- ₹55/लीटर और आज 2026 में डीज़ल की कीमत ₹91/लीटर है। सवाल पूछिए: ऐसा क्यों?'

आम लोगों पर असर

  • पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बस, ऑटो, टैक्सी के किराए बढ़ सकते हैं।
  • सामान की ढुलाई महंगी होने से बाजार में हर चीज के दाम बढ़ने की आशंका है।
  • किसानों को खेती के लिए डीजल महंगा पड़ेगा।
  • यह बढ़ोतरी पूरे देश में लागू हुई है। आम लोग अब महंगाई के और बढ़ते बोझ से चिंतित हैं।

विपक्ष एकमत

विपक्षी नेताओं का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट, किराना, सब्जी, दूध-रोटी सब महंगे हो जाएंगे। आम आदमी, किसान और छोटे व्यापारी सबसे ज़्यादा परेशान होंगे। सरकार की ओर से अभी तक इस बढ़ोतरी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।