पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने की आशंका सच साबित हुई। सरकार ने शुक्रवार 15 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 97.77 रुपये और डीजल की कीमत 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शुक्रवार को ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने के दबाव के बीच यह बढ़ोतरी की गई है। विपक्षी दल पहले ही आशंका जता रहे थे कि पांच राज्यों में चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल-डीज़ल के दाम मोदी सरकार बढ़ा देगी। लेकिन तब सरकार ने उसका खंडन कर दिया था। लेकिन 4 मई को चुनाव नतीजे आए थे। आज 15 मई को सरकार ने आखिरकार पेट्रोल-डीज़ल के रेट बढ़ा दिए। इससे महंगाई और बढ़ने की आशंका है।
दिल्ली में नई कीमतों के अनुसार, पेट्रोल की कीमत ₹94.77 से बढ़कर ₹97.77 प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल की कीमत ₹87.67 से बढ़कर ₹90.67 प्रति लीटर पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में पेट्रोल के दाम ₹100 के निशान के बेहद करीब पहुंच गए हैं।
सीएनजी 2 रुपये महंगी
दिल्ली में सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। सीएनजी अब 77.09 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। एक दिन पहले, मुंबई में भी सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। अब मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में सीएनजी की कीमत 84 रुपये प्रति किलोग्राम होगी।
सरकार का कहना है कि भारत ने अब तक वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया की बिगड़ती स्थिति के बावजूद खुदरा ईंधन कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी से परहेज किया था, लेकिन अब दबाव बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया है।
अन्य महानगरों में भी पेट्रोल की कीमतों में बदलाव किया गया है। कोलकाता में यह 108.74 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 106.68 रुपये और चेन्नई में 103.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जिसमें 2.83 रुपये से 3.29 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई है। डीजल की कीमतों में भी महानगरों में भारी वृद्धि देखी गई है। कोलकाता में यह 95.13 रुपये प्रति लीटर, मुंबई में 93.14 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
अप्रैल 2022 से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में काफी हद तक कोई बदलाव नहीं हुआ था, सिवाय लोकसभा चुनावों से पहले मार्च 2024 में घोषित एक बार की 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती के। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अप्रैल 2022 में दैनिक ईंधन मूल्य संशोधन को निलंबित कर दिया था ताकि रूस द्वारा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक तेल संकट से उपभोक्ताओं को बचाया जा सके। हालांकि तीनों कंपनियों को शुरू में भारी नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद उन्होंने कुछ हद तक नुकसान की भरपाई कर ली।
इससे पहले, पेट्रोल-डीजल की संभावित बड़ी बढ़ोतरी की खबरों से देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) देखी गई थी। कई पंपों पर लंबी कतारें लगीं और “नो फ्यूल” बोर्ड लग गए। उपभोक्ता भविष्य में और तेज बढ़ोतरी के डर से टैंक फुल करवा रहे थे।