प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) में चल रहे संकट के मद्देनज़र देश की जनता से कई अपीलें कीं। उन्होंने पेट्रोलियम उत्पादों के इस्तेमाव को कम करने, विदेशी मुद्रा की बचत और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
  • पांच राज्यों में हाल के चुनाव में धुआंधार प्रचार करने के बाद पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), स्वीडन, नीदरलैंड, नॉर्वे और इटली की सात दिवसीय यात्रा पर जा रहे हैं। वो इसी हफ्ते शुक्रवार को जाने वाले हैं।

ये नाकामी के सबूत हैंः राहुल गांधी

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार 11 मई को मोदी की जनता को दी गई सलाह पर तीखी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने कहा- मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक संकट के समय हमें देश को सबसे ऊपर रखते हुए संकल्प लेने होंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां मेट्रो उपलब्ध हो, वहां मेट्रो का इस्तेमाल करें, कारपूलिंग करें, माल ढोने के लिए रेलवे का इस्तेमाल करें। इससे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी और विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

कोविड के उपायों की याद दिलाई

पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाई गई व्यवस्थाओं को फिर से शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा, “कोरोना काल में हमने वर्क फ्रॉम होम (WFH), वर्चुअल मीटिंग्स, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी कई चीजें विकसित कीं और उनके अभ्यस्त भी हो गए थे। मौजूदा समय की जरूरत है कि हम उन तरीकों को फिर से अपनाएं।”

विदेश यात्रा न करने और गोल्ड न खरीदने की सलाह

प्रधानमंत्री ने मध्यवर्गीय संस्कृति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विदेश में शादियां, यात्राएं और छुट्टियां मनाने का चलन बढ़ रहा है। उन्होंने अपील की कि संकट के इस समय में कम से कम एक साल तक विदेश यात्राएं स्थगित कर दें। साथ ही त्योहारों पर सोने की खरीदारी को भी एक साल के लिए टालने की सलाह दी।

पीएम मोदी ने कहा, “मैं लंबे समय से कह रहा हूं कि खाना पकाने के तेल का उपयोग 10% कम करें। इससे न सिर्फ देश को संकट के समय मदद मिलेगी, बल्कि आपके परिवार की सेहत भी सुधरेगी।”

प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत पर बल देते हुए कहा कि रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली चीजों की सूची बनाएं और देखें कि उनमें कौन-सी विदेशी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशी सामान फेंकने की बात नहीं है, बल्कि जितनी जल्दी हो सके आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कोविड काल में दिए गए ‘वोकल फॉर लोकल’ नारे को याद दिलाया।
इसके अलावा उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील भी की, ताकि देश और अधिक आत्मनिर्भर बने।

चुनाव नतीजों का जिक्र

सभा में पीएम मोदी ने हालिया विधानसभा चुनाव परिणामों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कल ही बंगाल में पहली बार भाजपा के मुख्यमंत्री ने शपथ ली। असम में भाजपा ने हैट्रिक लगाई है और पुडुचेरी में एनडीए फिर सत्ता में आया है। उन्होंने तेलंगाना में भी भाजपा सरकार बनाने की उम्मीद जताई और कहा कि लोग कांग्रेस-बीआरएस की राजनीति से थक चुके हैं।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस अब वामपंथियों से भी ज्यादा वामपंथी और मुस्लिम लीग से भी ज्यादा मुस्लिम हो गई है। उन्होंने कांग्रेस को ‘एमएमसी’ (मुस्लिम लीग, माओइस्ट कांग्रेस) करार दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल में टीएमसी की हार पूरे देश में जश्न का विषय बन गया है। उन्होंने टीएमसी पर वंशवाद, कांग्रेस और वामपंथ की बुरी परंपराओं को अपनाने का आरोप लगाया।
बहरहाल, मोदी को सारी उम्मीद जनता से है। इसीलिए उन्होंने यह अपील पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच की है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों और आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है। प्रधानमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि व्यक्तिगत स्तर पर छोटे-छोटे बदलाव देश को मजबूत बनाएंगे।