ईडी के छापों के विरोध में दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी सांसदों महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन को पुलिस ने हिरासत में लिया और घसीटा।
दिल्ली में टीएमसी सांसदों का प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए, घसीटा
गुरुवार को ईडी ने कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय समेत 15 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें फर्म के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास भी शामिल था। यह कार्रवाई फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई। टीएमसी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार देते हुए आरोप लगाया कि छापेमारी का मकसद पार्टी की रणनीतिक जानकारी, उम्मीदवार सूची और हार्ड डिस्क जब्त करना था, खासकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले।
प्रदर्शन के दौरान टीएमसी सांसदों ने तख्तियां उठाई हुई थीं, जिन पर लिखा था - "बंगाल मोदी-शाह की गंदी राजनीति को खारिज करता है"। महुआ मोइत्रा ने कहा, "कल (गुरुवार 8 जनवरी) पूरे भारत और बंगाल ने देखा कैसे गृह मंत्रालय ने ईडी का दुरुपयोग किया। ईडी को हमारी पार्टी की राजनीतिक और रणनीतिक जानकारी चोरी करने भेजा गया। ममता बनर्जी शेरनी हैं, उन्होंने हमारी पार्टी की संपत्ति की रक्षा की।"
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "वे लोकतंत्र विरोधी तरीके से काम कर रहे हैं। छापेमारी भी अवैध थी। वे लूटते हैं और हमें घोटाले का आरोप लगाते हैं। उन्होंने हमारी रणनीति और उम्मीदवार सूची ले ली। भाजपा के आंतरिक सर्वे में दिख रहा है कि वे 25 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएंगे, लेकिन ममता बनर्जी भारी बहुमत से मुख्यमंत्री बनेंगी और आगे चलकर प्रधानमंत्री भी।"
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने छापेमारी स्थल का दौरा किया और कहा, "क्या ईडी और अमित शाह का यही काम है कि पार्टी की हार्ड डिस्क और उम्मीदवार सूची ले जाएं? शरारती गृह मंत्री देश की रक्षा नहीं कर पाते और मेरी पार्टी के दस्तावेज ले जा रहे हैं। अगर मैं भाजपा कार्यालय पर छापा मारूं तो क्या होगा?" उन्होंने आगे आरोप लगाया कि एक तरफ विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के जरिए बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, और चुनाव के लिए पार्टी की जानकारी इकट्ठा की जा रही है। ममता ने टीएमसी को आयकर देने वाली दर्ज राजनीतिक पार्टी बताया और कहा कि इसे पैसे और ताकत से कुचला नहीं जा सकता।
सांसदों को घसीटने पर ममता बनर्जी का कड़ा बयान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में हुई घटना की कड़ी निन्दा की है। शुक्रवार दोपहर किए गए एक्स पर ट्वीट में ममता ने कहा- मैं अपने सांसदों के साथ किए गए शर्मनाक और अस्वीकार्य व्यवहार की कड़ी निंदा करती हूँ। गृह मंत्री के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों को सड़कों पर घसीटना कानून प्रवर्तन नहीं है - यह वर्दी में अहंकार है। यह लोकतंत्र है, भाजपा की निजी संपत्ति नहीं। लोकतंत्र सत्ता में बैठे लोगों की सुविधा या आराम पर नहीं चलता। जब भाजपा नेता विरोध करते हैं, तो वे लाल कालीन और विशेष विशेषाधिकारों की अपेक्षा करते हैं। जब विपक्षी सांसद अपनी आवाज उठाते हैं, तो उन्हें घसीटा जाता है, हिरासत में लिया जाता है और अपमानित किया जाता है। यह दोहरा मापदंड भाजपा के लोकतंत्र के विचार को उजागर करता है - आज्ञापालन, असहमति नहीं।
ममता ने कहा- यह स्पष्ट होना चाहिए: सम्मान पारस्परिक है। आप हमारा सम्मान करते हैं, हम आपका सम्मान करते हैं। आप हमें सड़क पर घसीटेंगे, और हम आपको सहिष्णुता, असहमति और लोकतांत्रिक नैतिकता के संवैधानिक विचार पर वापस लाएंगे। यह हमारा भारत है। हम अधिकार से नागरिक हैं, कुर्सी, बैज या सत्ता के पद के अधीन नहीं। कोई सरकार, कोई पार्टी और कोई गृह मंत्री यह तय नहीं कर सकता कि लोकतंत्र में सम्मान का हकदार कौन है।
कोलकाता में ममता बनर्जी ने शुक्रवार 9 जनवरी को जादवपुर 8बी बस स्टैंड से हाजरा मोड़ तक मार्च निकाल रही हैं।
दूसरी ओर, भाजपा ने ममता बनर्जी पर जांच में हस्तक्षेप और सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बनर्जी के छापेमारी स्थल पर जाने को असंवैधानिक बताया और ईडी से मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस घटना से केंद्र और टीएमसी के बीच तनाव और बढ़ गया है। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस सांसदों को घसीटते हुए ले जाती दिख रही है।