भारत में प्राइवेट पेट्रोलियम कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। पेट्रोल की कीमतों में ₹5.30 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। सरकारी दावों के बावजूद एलपीजी की स्थिति बदतर हो रही है।
भारत के सबसे बड़े प्राइवेट फ्यूल विक्रेता, नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। उसने पेट्रोल की कीमतों में ₹5.30 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया है।
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के कारण पैदा ऊर्जा चिंताओं की पृष्ठभूमि में, पिछले कुछ हफ्तों से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।कहा जा रहा है कि बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम के विधानसभा चुनाव के बाद सरकार तेल कंपनियां भी पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाएंगी। प्राइवेट कंपनी ने शुरूआत कर दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के लगभग बंद होने और अमेरिका व ईरान द्वारा ऊर्जा केंद्रों पर किए गए हमलों ने वैश्विक आपूर्ति को बाधित कर दिया है।
पेट्रोल-एलपीजी के लिए लंबी लाइनें
ईंधन की कमी की आशंका के बीच, भारत के कई राज्यों में लोग अपने वाहनों में तेल भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों पर उमड़ रहे हैं। वहीं, एलपीजी (LPG) संकट के कारण गैस फिलिंग स्टेशनों और डिपो के बाहर भी लंबी कतारें लग गई हैं।
प्रमुख शहरों में कीमतें:
हैदराबाद: गुरुवार को पेट्रोल की कीमत ₹107.46 प्रति लीटर रही, जो देश में सबसे अधिक है। यहाँ डीजल भी ₹95.70 प्रति लीटर के साथ टियर-1 शहरों की सूची में सबसे ऊपर है।
मुंबई और कोलकाता: यहाँ भी कीमतें ₹100 प्रति लीटर के पार बनी हुई हैं।सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के कारण असम के गुवाहाटी सहित कई हिस्सों में 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) देखी गई।
विपक्ष का हमला
कांग्रेस पार्टी लगातार इस मामले को उठा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने बुधवार को संसद परिसर में इस मुद्दे पर प्रदर्शन किया था। दूसरी ओर, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच सरकार "ऊर्जा संकट" को संभालने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पर्याप्त रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व बनाने में नाकाम रही। उन्होंने कहा- "भारत मुख्य ईंधन और उर्वरकों की कमी का सामना कर रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ेंगी।"