केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित ईंधन) नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का दौर तेज हो गया है। शनिवार (1 अगस्त) को जहां एक तरफ सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला को उनके विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया गया, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली में ई-20 नीति के विरोध में एक बड़े 'नेशनल टाउनहॉल' का आयोजन कर रहे हैं।

तहसीन पूनावाला नजरबंद, नितिन गडकरी पर साधा निशाना

ई-20 पेट्रोल नीति और इथेनॉल ब्लेंडिंग के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें उनके घर में ही नजरबंद कर दिया है। पूनावाला शनिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और सरकार की ई-20 पेट्रोल नीति के खिलाफ विरोध मार्च और भूख हड़ताल करने वाले थे।
पूनावाला द्वारा साझा किए गए वीडियो में उनके घर के बाहर महिला अधिकारियों सहित दिल्ली पुलिस का भारी बल तैनात नजर आया।वीडियो में पूनावाला पुलिस अधिकारियों से पूछते नजर आए कि उन्हें किस आधार पर और बिना किसी लिखित आदेश के रोका जा रहा है। उन्होंने कहा, "कोई पेपर नहीं, कुछ नहीं... आजादी के 15 दिन पहले आप मुझे डिटेन कर रहे हैं।" पूनावाला ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि पुलिस की एक पूरी बटालियन उनके घर तैनात कर दी गई है और दावा किया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इथेनॉल पर उठ रहे सवालों से घबराए हुए हैं।
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मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने तर्क दिया कि विरोध मार्च से कानून-व्यवस्था (Law and Order) बिगड़ने की आशंका है, इसलिए उन्हें सहयोग करने को कहा गया।
केंद्र सरकार ने 2025-26 तक देश के सभी पेट्रोल पंपों पर 20% इथेनॉल मिश्रित (E20) पेट्रोल अनिवार्य कर दिया है। सरकार का तर्क है कि इससे भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता घटी है, विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और किसानों को इथेनॉल उत्पादन से आर्थिक लाभ हुआ है।
हालांकि, वाहन चालकों और विपक्षी दलों का आरोप है कि 2023 से पहले निर्मित अधिकांश वाहन (कारें व दोपहिया) ई-20 ईंधन के अनुकूल नहीं हैं। सर्वे और शिकायतों के अनुसार, इससे गाड़ियों का माइलेज 10% से 15% तक गिर गया है और इंजन के पुर्जों में जंग व खराबी की समस्या बढ़ गई है।

अरविंद केजरीवाल का 'नेशनल टाउनहॉल'

ई-20 पेट्रोल को वापस लेने या इसे वैकल्पिक बनाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शनिवार (1 अगस्त 2026) को राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20' आयोजित कर रहे हैं। केजरीवाल ने बताया कि ई-20 ईंधन को अनिवार्य करने के बजाय वैकल्पिक बनाने के लिए चलाए गए ऑनलाइन अभियान पर 2 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। इस याचिका को जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा जाएगा। 
केजरीवाल के टाउनहॉल में व्यंग्यकार और मिमिक्री आर्टिस्ट श्याम रंगीला भी शामिल हुए। रंगीला ने मोदी की आवाज़ में दर्शकों को लोटपोट कर दिया। इस टाउनहॉल में उन ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों, मैकेनिक्स और आम वाहन चालकों को भी आमंत्रित किया गया है जिनकी गाड़ियाँ ई-20 ईंधन के कारण प्रभावित हुई हैं।

केजरीवाल की मांगें क्या हैं

आम आदमी पार्टी प्रमुख केजरीवाल ने मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर 100% शुद्ध पेट्रोल का विकल्प फिर से दिया जाए। ई-20 पेट्रोल में कम माइलेज मिलने के कारण इसकी कीमतें pure petrol से कम तय की जाएं। पुरानी गाड़ियों (विशेषकर 2023 से पहले की) के इंजन को होने वाले नुकसान और रखरखाव के बढ़ते खर्च पर केंद्र सरकार संज्ञान ले।