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सच बताने के लिए 'कश्मीर टाइम्स' निशाने पर: अनुराधा भसीन

जम्मू और कश्मीर के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार कश्मीर टाइम्स के श्रीनगर कार्यालय को सोमवार को संपदा विभाग द्वारा सील कर दिए जाने के बाद अख़बार की संपादक अनुराधा भसीन ने कहा है कि कश्मीर के बारे में ज़मीनी हकीक़त बताने के लिये मुझे प्रतिशोध का निशाना बनाया गया है।

श्रीनगर की प्रेस कॉलोनी में कश्मीर टाइम्स कार्यालय, जिसे दशकों पहले संपदा विभाग द्वारा आवंटित किया गया था, को सोमवार सुबह सील कर दिया गया। कश्मीर टाइम्स की संपादक और प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषक, अनुराधा भसीन ने ‘सत्य हिंदी’ से बातचीत में कहा,

‘हमें इमारत खाली करने के लिए विभाग द्वारा कोई नोटिस नहीं दिया गया था। विभाग के अधिकारियों ने अचानक आकर कार्यालय को सील कर दिया।’ भसीन ने कहा, ‘क्योंकि मैं स्पष्ट रूप से स्थिति को प्रतिबिंबित कर रही हूँ और खुलकर बोल रही हूँ, इसलिए मुझे बदला लेने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।’

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उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में अधिकारियों ने अनुराधा को जम्मू में उनके आधिकारिक निवास से बेदखल कर दिया था।

कश्मीर टाइम्स कार्यालय की सीलिंग पर प्रतिक्रिया देते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक ट्वीट में लिखा, ‘यह (घटना) दिखाता है कि हमारे कुछ सम्मानित अख़बारों ने केवल आधिकारिक बयान प्रकाशित करके सरकारी प्रवक्ता बनने का फ़ैसला क्यों किया है। स्वतंत्र रिपोर्टिंग की क़ीमत यह है कि (कार्यालयों) को बिना किसी नियामक कार्रवाई के खाली करना पड़ता है।’

बता दें कि दो दिन पहले, श्रीनगर में संपदा विभाग ने एक प्रसिद्ध समाचार एजेंसी, कश्मीर समाचार सेवा (केएनएस) के कार्यालय को भी सील कर दिया था। केएनएस के मालिक और संपादक मुहम्मद असलम ने ‘सत्य हिंदी’ से बातचीत करते हुए कहा, ‘बिना सूचना के हमारे कार्यालय को एक घंटे के भीतर ताला लगा दिया गया, अभी भी कार्यालय के अंदर हमारा सामान है। सरकार के पास किसी भी आवंटित फ्लैट को वापस लेने की शक्ति है लेकिन यह समझ से बाहर है कि यह सब बिना किसी नोटिस जारी किये और फ्लैट खाली करने के लिए कुछ समय दिए बिना यह क्यों किया जा रहा है।’

कश्मीर प्रेस क्लब ने केएनएस कार्यालय को ताला लगाने पर कहा कि यह क़दम सही नहीं है। प्रेस क्लब ने एक बयान में कहा, ‘एक क्रियाशील समाचार कक्ष के साथ ऐसा करना सही नहीं है। खाली करने के लिए कुछ समय देना चाहिए था।’

पत्रकारों और आम जनता ने सोशल मीडिया पर कश्मीर टाइम्स कार्यालय की सीलिंग को लेकर सरकार की आलोचना की है। कुछ आलोचकों ने इसे सरकार द्वारा कश्मीर में पत्रकारों पर दबाव बनाने का प्रयास बताया है।

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हारून रेशी
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