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प्रतीकात्मक तस्वीर।

इंजीनियरिंग छात्र ने की आत्महत्या, 'इंस्टैंट लोन ऐप वाले कर रहे थे परेशान'

बेंगलुरु में एक इंजीनियरिंग छात्र ने कथित तौर पर रिकवरी एजेंटों द्वारा परेशान किए जाने से आत्महत्या कर ली। परिवार के लोगों ने यही आरोप लगाया है। उस छात्र ने तीन इंस्टैंट लोन ऐप से उधार लिए थे और वह उधार के पैसे भुगतान करने में विफल रहा था। 

इंस्टैंट लोन ऐप युवाओं को काफ़ी आकर्षिक करने वाली होती हैं और वे आम तौर पर ऊँची ब्याज दरों पर छोटी-छोटी रक़म मुहैया कराते हैं। बैंकिंग सिस्टम की तरह कागजात के लिए चक्कर नहीं लगाने होते हैं और इन ऐप पर तो यहाँ तक दावा किया जाता है कि 'तीन मिनट में हजारों या लाखों तक का लोन लें'। ज़रूरतमंद लोग इस लुभावने ऋण के चक्कर में फँस जाते हैं।

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कुछ इसी तरह के इंस्टैंट लोन ऐप से कर्ज लिए जाने की बात मृतक छात्र के परिजन कह रहे हैं। बेंगलुरु पुलिस ने मृतक की पहचान जलाहल्ली में एचएमटी स्टाफ क्वार्टर के निवासी थेजस नायर के रूप में की। थेजस येलहंका के पास एक निजी कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छठे सेमेस्टर के छात्र थे। 

आशंका है कि उन पर करीब 46 हजार रुपये बकाया हो गया था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार घटना का पता मंगलवार शाम क़रीब 7 बजे चला था जब थेजस के पिता गोपीनाथ नायर अपनी बेटी को पास के ट्यूशन सेंटर में छोड़कर घर लौटे। गोपीनाथ थेजस को अस्पताल ले गए लेकिन वहाँ पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार गोपीनाथ की शिकायत के आधार पर, जलाहल्ली पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उस कर्ज के बारे में जानकारी जुटा रही है कि कितना बकाया था और कितने का भुगतान किया जा चुका था। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि उनके मोबाइल फोन को आगे की जांच के लिए साइबर अपराध विभाग को भेजा जाएगा।
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रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से कहा गया है कि थेजस ने एक नोट छोड़ा था जिसमें बताया गया था कि उन्होंने ऋण चुकाने में असमर्थता के कारण यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा है, 'मैंने जो कुछ भी किया उसके लिए मुझे खेद है माँ और पिताजी। मेरे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। मैं अपने नाम पर लिए कर्ज का भुगतान करने में असमर्थ हूं और यह मेरा अंतिम निर्णय है। अलविदा।'

छात्र के पिता गोपीनाथ ने कहा है कि उनका परिवार ऋण के बारे में तब तक नहीं जानता था जब तक कि एक रिश्तेदार ने उन्हें यह बात नहीं बताई कि थेजस ने पैसे मांगे थे। गोपीनाथ ने कहा कि थेजस ने पहली बार एक दोस्त को देने के लिए ऋण लिया था जिसने उसे आश्वासन दिया था कि वह ईएमआई का भुगतान करेगा लेकिन बाद में नहीं किया। एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, 'थेजस द्वारा भुगतान नहीं किए जाने पर कुछ बदमाशों ने थेजस की विकृत छवियां बनाईं और उन्हें उसके दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ साझा करना शुरू कर दिया। उसने 4,000 रुपये का भुगतान किया था। मैंने उससे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा, लेकिन उसने अपनी जान दे दी।'

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क़मर वहीद नक़वी
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