loader
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या

कर्नाटकः भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की फजीहत, मंच छोड़कर क्यों जाना पड़ा

गुरु राघवेंद्र सहकारी बैंक नियमिता (एसजीआरएसबीएन) से जुड़े करोड़ों रुपये के घोटाले में नुकसान झेलने वाले असंतुष्ट जमाकर्ताओं के विरोध के बाद भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या को बेंगलुरु में एक सार्वजनिक बैठक छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

यह घटना सहकारी बैंक एसोसिएशन के नेताओं के साथ विचार-मंथन सत्र के दौरान हुई। सूर्या और बसवांगुडी विधायक रवि सुब्रमण्यम के समर्थक भी वहां मौजूद थे। तेजस्वी सूर्या इस कार्यक्रम में लोकसभा चुनाव की तैयारी के सिलसिले में आए थे।

ताजा ख़बरें

बैठक में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब घोटाले से प्रभावित जमाकर्ताओं ने अपने नुकसान की भरपाई में देरी को लेकर राजनीतिक नेताओं से गुस्से में जवाब मांगा। बैठक के वीडियो फुटेज में गुस्साए जमाकर्ताओं को तेजस्वी सूर्या पर कमेंट करते और कार्यक्रम स्थल से उनके जाने का रास्ता रोकते हुए दिखाया गया है। सूर्या के समर्थकों पर बैठक के दौरान जमाकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट करने का भी आरोप है।

कर्नाटक कांग्रेस, जिसने बैठक में हंगामे का वीडियो साझा किया, ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "भाजपा के तेजस्वी सूर्या एक बार फिर 'आपातकालीन निकास द्वार' (इमरजेंसी गेट) के जरिए भीड़ से बच गए हैं। तेजस्वी सूर्या का अहंकार, जो चुनाव के दौरान मतदाताओं पर हमला करता है और उनके साथ दुर्व्यवहार करता है, उसने हद पार कर दी है, मतदाताओं के लिए उसे सबक सिखाने का समय आ गया है।”

तेजस्वी सूर्या, जो बेंगलुरु दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा सांसद हैं, हाल ही में 2019 के बाद से अपनी संपत्ति 13 लाख रुपये से बढ़कर 4 करोड़ रुपये से अधिक होने के कारण चर्चा में हैं। वह तीन मामलों का भी सामना कर रहे हैं, जिनमें से दो हाल ही में भाजपा सरकार के दौरान दायर किए गए थे। मार्च में एक दुकानदार पर हमले के विरोध में और मार्च 2022 में सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन, नई दिल्ली में एक और मामला दर्ज किया गया था।

क्या है बैंक घोटालाः बेंगलुरु स्थित सहकारी बैंक एसजीआरएसबीएन से जुड़ा घोटाला 2020 में सामने आया जब भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक से कैश निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे बैंक प्रबंधन द्वारा 2,500 करोड़ रुपये की हेराफेरी का खुलासा हुआ।

45,000 से अधिक जमाकर्ताओं ने बैंक में अपना पैसा लगाया था, जिनमें से अधिकांश को जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम से 5 लाख रुपये की बीमा राशि प्राप्त हुई थी। हालाँकि, 6 लाख रुपये से अधिक जमा वाले 15,000 से अधिक जमाकर्ताओं को पूरी तरह से मुआवजा नहीं दिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक की 159 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली थी और बैंक प्रबंधन पर दूसरों के साथ मिलकर बड़ी रकम निकालने का आरोप लगाया गया है।

कर्नाटक से और खबरें
यह मामला भाजपा सरकार के दौरान सामने आया था। पीड़ित लोगों का आरोप है कि कि उसने धोखाधड़ी करने वालों की मदद की। भाजपा सरकार की वजह से पूरा बैंक घोटाला दब गया। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने वादा किया था कि वो पीड़ितों का पैसा दिलाएंगे। लेकिन आरोप है कि उन्होंने कोई कोशिश नहीं की। कुछ पीड़ितों ने यहां तक आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और बैंक घोटाला करने वालों के बीच सांठगांठ थीं। घोटालेबाजों ने पार्टी को मोटा चंदा भी दिया था। पिछले साल दिसंबर में जब सत्ता परिवर्तन हुआ तो कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने घोटाले की सीबीआई के नेतृत्व में जांच का आदेश दिया था।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

कर्नाटक से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें