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पुलिस डॉग्स के थोकबंद तबादलों पर ‘ट्रोल’ हुई कमलनाथ सरकार

मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा स्निफ़र डॉग्स के ‘थोकबंद’ तबादलों के बाद कमलनाथ सरकार प्रतिपक्ष के निशाने पर आ गई है। तबादलों को लेकर प्रतिपक्ष पहले से ही सरकार की घेराबंदी कर रहा था, लेकिन शुक्रवार देर रात डॉग्स और उनके हैंडलरों के बड़ी संख्या में तबादलों के बाद बीजेपी ने कमलनाथ सरकार पर ‘हमला’ तेज़ कर दिया है।
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मध्य प्रदेश पुलिस ने 46 स्निफ़र डॉग्स के तबादले किए हैं। इधर से उधर किए गए अनेक डॉग्स को प्रदेश के एक छोर से दूसरे छोर स्थानांतरित किया गया है। राज्य में सरकार बनने के बाद से शुरुआती छह महीनों में बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं और तबादलों का दौर अभी ख़त्म नहीं हुआ है। सामान्य तबादले अभी चल रहे हैं। अकेले शिक्षा विभाग में 65 हज़ार से ज़्यादा टीचरों ने तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन किये हैं।
प्रतिपक्ष का आरोप रहा है कि कमलनाथ सरकार केवल और केवल तबादला उद्योग चलाने में लगी हुई है। अनवरत तबादलों की वजह से सरकारी मशीनरी असमंजस में है। कामकाज ठप है।
छह महीनों में 50 हज़ार से ज़्यादा ट्रांसफ़र सरकार ने किए हैं और उसका मन अभी भरा नहीं है। संख्या को लेकर बीजेपी का दावा अपनी जगह है, लेकिन यह सच है कि सरकार ने नौकरशाहों को ‘पूरे घर के बदल डालूँगा’ की तर्ज पर स्थानांतरित किया है।
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। स्वयं सरकार ने विधानसभा को दो दिन पहले यह जानकारी दी है कि प्रदेश में कुल 367 आईएएस अफ़सर हैं और अब तक 301 आईएएस अफ़सरों के तबादले हुए हैं (कई आईएएस का एक से ज़्यादा बार भी ट्रांसफ़र हुआ है)। 
राज्य प्रशासनिक सेवा के 572 अफ़सरों में 202 को बदला गया है। नौकरशाहों के तबादलों का दौर जारी है। शुक्रवार देर शाम भी सरकार ने कई वरिष्ठ आईएएस अफ़सरों की तबादला सूची जारी की है। पुलिस में भी पिछले छह-सात महीनों में ऊपर से लेकर नीचे तक ताबड़तोड़ तबादले हुए हैं।
सीएम सिक्योरिटी में पोस्टेड टफ़ी।

टफ़ी सीएम सिक्योरिटी में पोस्टेड

शुक्रवार को जारी डॉग्स के तबादला आदेश में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा में तैनात रहे दो स्निफ़र डॉग्स रीमा और जया को हटा दिया गया है। इन्हें हटाये जाने को लेकर दलील दी गई है कि दोनों उम्रदराज हो गये हैं (इनकी आयु साढ़े आठ बरस के लगभग है) और ये मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा में पूरी तरह से सक्षम नहीं रहे हैं। हटाये गये इन डॉग्स की जगह छिंदवाड़ा (मुख्यमंत्री कमलनाथ यहीं से आते हैं) के सवा आठ वर्षीय स्निफ़र डॉग टफ़ी को मुख्यमंत्री निवास में तैनात किया गया है। टफ़ी के अलावा बैतूल में पोस्टेड रेणु और होशंगाबाद में पदस्थ सिकंदर नामक स्निफ़र डॉग्स को भी सीएम हाउस में पदस्थ किया गया है।
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बीजेपी ने ली चुटकी

मध्य प्रदेश में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में एकमुश्त डॉग्स के तबादले किये जाने के बाद से सोशल मीडिया पर जमकर चुटकीबाज़ी हो रही है। प्रतिपक्ष के साथ-साथ आमजन भी सरकार की ‘कार्यशैली’ पर तीख़े तंज कस रहे हैं।मध्य प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता राहुल कोठारी ने डॉग्स ट्रांसफ़र लिस्ट के साथ किये गये अपने एक ट्वीट में कहा है, ‘कमलनाथ इतनी घबराहट में हैं कि आईपीएस और सिपाहियों के बाद अब कुत्तों का भी तबादला कर दिया। अगला नंबर पुलिस की लाठी और टोपी का है।’
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उधर, मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माणक अग्रवाल का कहना है, ‘सरकार चले जाने के बाद से बीजेपी बौखलाई हुई है। डॉग्स ट्रांसफ़र रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया का अंग है। इस पर भी बीजेपी की हायतौबा - उसकी बौखलाहट को दर्शाती है।’मध्य प्रदेश पुलिस की 23वीं वाहिनी (डॉग्स तबादले के लिए अधिकृत है) के कमांडेंट सिमाला प्रसाद का कहना है, ‘सीएम निवास पर जिन तीन स्निफ़र डॉग की पोस्टिंग की गई है - वे प्रदेश के सबसे बेहतर डॉग्स हैं। इनमें बम विस्फोटक को सूंघने की बेहतर क्षमता है।’
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