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भोपाल में पूर्ण लॉकडाउन: अब दूध व मेडिकल स्टोर ही खुलेंगे, बाक़ी सब बंद

मध्य प्रदेश में इंदौर के बाद भोपाल में भी जानलेवा कोरोना का संक्रमण तेज़ी से फैलने लगा है। भोपाल में रविवार को आधा दर्जन नये कोरोना पाॅजिटिव रोगी मिले। वायरस के तेज़ी से फैलने पर ज़िला प्रशासन ने भोपाल को पूरी तरह से लाॅकडाउन करने का आदेश जारी कर दिया है। यानी पहले से जो लॉकडाउन था उसे और सख़्त कर दिया गया है। किराना और अन्य उन दुकानों को भी अब अपनी दुकानें खोलने की अनुमति नहीं होगी जिन्हें अब तक छूट दी जा रही थी। पूर्ण लाॅकडाउन में मेडिकल स्टोर और दूध पार्लर ही खोले जा सकेंगे। दूध की डिलेवरी घर-घर की जा सकेगी।

भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने रविवार को जारी किए गए आदेश में कहा है कि पाँच अप्रैल रविवार रात 12 बजे से भोपाल में पूरी तरह से लाॅकडाउन रहेगा।

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आदेश में यह भी कहा गया है कि लाॅकडाउन में निजी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी। राजधानी में घोषित किये गये तय क्षेत्रों से बाहर आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। ज़ोन के बाहर पाए जाने वाले पर कार्रवाई होगी। ज़िला प्रशासन ने आधी रात के बाद से आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाओं के लिए जारी किए गए सभी कर्फ्यू पास निलंबित करने का आदेश भी जारी कर दिया है। 

इस बीच मध्य प्रदेश में रविवार को कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या 185 पर पहुँच गयी है। इंदौर में रविवार को 10 नये रोगियों के मिलने के बाद कोरोना प्रभावितों की संख्या 128 हो गई है। एक नई मौत के बाद इंदौर में मरने वालों का आँकड़ा आठ और प्रदेश में 12 पर पहुँच गया।

भोपाल में रविवार को नये रोगियों के मिलने के बाद कोरोना पाॅजिटिव रोगियों की संख्या 25 हो गई। इंदौर के बाद भोपाल में सबसे ज़्यादा रोगी पाये गये हैं। आज भी हेल्थ डिपार्टमेंट के दो अधिकारी और तीन दिन पहले पाॅजिटिव पाये गये स्वास्थ्य संचालक जे विजय कुमार के वाहन चालक और सुरक्षा गार्ड भी कोरोना पाॅजिटिव पाये गये।

इंदौर में भी सख़्ती बढ़ाई

हालात काबू में नहीं आ पाने को देखते हुए इंदौर ज़िला प्रशासन ने रविवार से और सख़्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर मनीष सिंह ने आदेश दिए कि टोटल लाॅकडाउन का उल्लंघन करने वालों को पकड़कर अब सीधे जेल भेजा जाए। दवा की दुकान के अलावा यदि कोई दुकान विशेषकर किराना आदि की दुकानों को खोलता है तो ऐसे दुकानदारों के लायसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिए जाएँ।

क्वरेंटाइन में जमाती माँग रहे हैं चिकन-बिरयानी

भोपाल शहर की 32 जमातों में 320 जमाती हैं। जमातियों में सात विदेशी भी हैं। जमातियों को क्वरेंटाइन किया गया है। क्वरेंटाइन जमातियों ने भोपाल नगर निगम द्वारा दिए गए खाने को खाने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, इनकी ‘फरमाइश’ है कि उन्हें खाने में चिकन-बिरयानी और नाॅनवेज दिया जाए। कई जमाती चाहते हैं कि उन्हें बाहर से या भोपाल स्थित ख़ुद के ठिकानों (घरों) से खाना मंगवाकर दिया जाए।

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मुरैना: मृत्युभोज में शामिल 1500 लोगों से चिंता बढ़ी

ग्वालियर से लगे मुरैना ज़िले में स्थानीय प्रशासन 1500 के लगभग उन लोगों को लेकर खासा चिंतित है जो पाॅजिटिव मिले परिवार के यहाँ आयोजित मृत्युभोज में शामिल हुए थे। इस घर में पिछले हफ़्ते ही मृत्यु भोज हुआ था। इसमें शामिल होने एक दंपती दुबई से आयी थी। सबसे पहले इस दंपती में कोरोना की पुष्टि हुई। बाद में दस और परिवारजन कोरोना पाॅजिटिव पाए गए। प्रशासन अब उन सभी लोगों की खोजबीन कर रहा है जो इस घर में आयोजित मृत्युभोज में शामिल हुए थे। काफ़ी संख्या में लोगों की पहचान करने के बाद उनके स्वास्थ्य की पड़ताल की गई है। कुछ संदिग्धों की जाँच की रिपोर्ट अभी आना है।

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बड़वानी ज़िले के सेंधवा में कर्फ्यू

रविवार को बड़वानी ज़िले के सेंधवा में कोरोना के तीन नए रोगियों के मिलने के बाद हड़कंप मच गया। ये एक ही परिवार के हैं। पीड़ित परिवार के 84 साल के बुजुर्ग 12 मार्च को उमरा कर सऊदी अरब से लौटे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने पर 28 मार्च को उन्हें इंदौर रेफर किया गया था। उपचार के दौरान 30 मार्च को उनकी इंदौर में मौत हो गई थी। इस परिवार में तीन रोगी के मिलने पर सेंधवा में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। 

उज्जैन में डॉक्टरों पर फूल बरसाए

इंदौर के मुसलिम बाहुल्य इलाक़े टाटपट्टी बाखल में डाॅक्टरों और स्वास्थ्य अमले पर हमले की हालिया घटना ने मध्य प्रदेश को पूरे देश में शर्मसार किया था। इंदौर के ठीक उलट उज्जैन के मुसलिम बाहुल्य हम्मालवाड़ी में जब संदिग्धों की जाँच के लिए डाॅक्टर और हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम पहुँची तो लोगों ने आगे बढ़कर टीम का न केवल स्वागत किया, बल्कि टीम में शामिल सदस्यों पर फूलों की बारिश भी की। लोगों का स्नेह देखकर जाँच टीम का उत्साह दोगुना हो गया।

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संजीव श्रीवास्तव
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