महाराष्ट्र सरकार के एक हालिया फैसले ने राज्य में भाषाई विवाद को जन्म दे दिया है। सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत कक्षा 1 से 5 तक के मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा के रूप में लागू करने का निर्णय लिया है। यह नया नियम शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से लागू होगा, जिसके बाद से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों और क्षेत्रीय नेताओं ने इस कदम को मराठी पहचान और भाषाई विविधता पर हमला करार दिया है।
महाराष्ट्र में हिन्दी लागू करने पर विवाद, राज ठाकरे ने कहा- हम हिन्दू हैं, हिन्दी नहीं
- महाराष्ट्र
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- 18 Apr, 2025
महाराष्ट्र के प्राइमरी स्कूलों में हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा बनाने के फैसले से ने राज्य में नए विवाद को जन्म दे दिया है। इसे मराठी पहचान और भाषाई विविधता पर हमला कहा जा रहा है। जानिए पूरा मामलाः
