कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि यह समझौता इसलिए किया गया क्योंकि एपस्टीन फाइल्स में से काफी कुछ रिलीज होना बाक़ी है और अमेरिका में अडानी समूह पर मुक़दमा चल रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि इसी दबाव में समझौते पर साइन किया गया है।
 
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड हैं और देश के किसानों व पूरे हिंदुस्तान को बेच दिया है। यह बयान मंगलवार को आया, जब लोकसभा में चीन मुद्दे पर बहस के दौरान राहुल को बोलने से रोका गया।

राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि पिछले चार महीनों से रुकी हुई ट्रेड डील में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन अचानक सोमवार शाम इसे साइन कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि इसके पीछे क्या वजह है? राहुल ने कहा, 'मैं जानता हूँ और नरेंद्र मोदी जानते हैं। मोदी जी पर भयंकर दबाव है। उनकी इमेज का गुब्बारा, जिसे हजारों करोड़ रुपये खर्च कर बनाया गया था, फूट सकता है।'
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि असली समस्या पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे का बयान नहीं है, बल्कि मोदी का कॉम्प्रोमाइज्ड होना है। राहुल ने कहा, 'इस ट्रेड डील से मोदी ने हिंदुस्तान के किसानों की मेहनत को बेच दिया है। उन्होंने सिर्फ किसानों को नहीं, पूरे देश को बेच दिया है। इसलिए मुझे संसद में बोलने नहीं दे रहे हैं।' राहुल ने पीएम मोदी के डर का ज़िक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों ने उनकी इमेज बनाई है, वही अब उसे तोड़ने में लगे हैं।

राहुल ने दो मुख्य दबाव पॉइंट्स बताए

  • एपस्टीन फाइल्स: राहुल ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में अभी बहुत सारी जानकारी बाक़ी है, जो रिलीज नहीं हुई है। पूरा देश यह जानना चाहता है कि इसमें क्या है। बता दें कि जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक विवादित व्यक्ति था, जिसकी फाइल्स में कई हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम जुड़े हैं। ये फाइल्स 2024 में अनसील हुई थीं, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि इसमें और सामग्री है जो मोदी पर दबाव बना सकती है।
  • अमेरिका में अडानी केस: राहुल ने आरोप लगाया कि अमेरिका में अडानी पर चल रहा केस असल में अडानी को टारगेट नहीं कर रहा, बल्कि यह मोदी के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर हमला है। उन्होंने कहा, 'अडानी पर केस दरअसल नरेंद्र मोदी पर केस है।' बता दें कि अडानी समूह पर अमेरिका में ब्राइबरी और फ्रॉड के आरोप हैं, जो 2023 से चल रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह मोदी को कमजोर करने का तरीका है।
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'प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं'

राहुल ने चेतावनी दी कि देश समझ ले कि प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं। उन्होंने कहा कि मोदी घबराए हुए हैं और इसी वजह से ट्रेड डील पर जल्दबाजी में सहमति दी गई। इस समझौते में अमेरिका ने भारत पर लगाए टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, लेकिन भारत को अमेरिका से ज्यादा ऊर्जा, तकनीक, कृषि उत्पाद और कोयला खरीदना पड़ेगा। कांग्रेस का आरोप है कि इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा, क्योंकि अमेरिकी कृषि उत्पाद सस्ते आयात होंगे।

यह आरोप ऐसे समय में आया है, जब सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते की घोषणा की थी। ट्रंप ने कहा था कि मोदी ने रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने पर सहमति जताई है। लेकिन कांग्रेस ने इसे मोदी की मजबूरी बताया है। पहले भी कांग्रेस नेता जयराम रमेश और अभिषेक सिंघवी ने समझौते की घोषणा ट्रंप द्वारा करने पर सवाल उठाए थे और इसे 'ट्रंप-निर्भरता' कहा था।
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प्रधानमंत्री कार्यालय या बीजेपी की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन बीजेपी सूत्रों का कहना है कि यह विपक्ष की बेबुनियाद आरोपबाजी है और ट्रेड डील देशहित में है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह आरोप संसद सत्र को और गर्म कर सकता है, जहां पहले से ही चीन मुद्दे पर हंगामा हो रहा है।

कांग्रेस ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर संसद में बहस चाहती है और मोदी से जवाब मांगेगी। विपक्षी दल इस आरोप को लेकर एकजुट हो सकते हैं। यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह विवाद क्या मोड़ लेता है।