प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित दो दिवसीय इसराइल यात्रा के मौके पर बुधवार को सियासी माहौल गर्म हो गया। भाजपा ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के ग़ज़ा पर दिए बयान को लेकर तीखा हमला बोला और उन पर “सेलेक्टिव आक्रोश” फैलाने का आरोप लगाया। बीजेपी ने खुलकर इसराइल का बचाव किया।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब प्रियंका गांधी ने बुधवार एक ट्वीट करके “ग़ज़ा नरसंहार” का मुद्दा उठाया। प्रियंका ने सोशल मीडिया X पर लिखा, “मुझे उम्मीद है कि माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी इसराइल यात्रा के दौरान क्नेस्सेट (इसराइली संसद) को संबोधित करते समय ग़ज़ा में हजारों निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार का जिक्र करेंगे और उनके लिए इंसाफ की मांग करेंगे।” प्रियंका ने यह भी कहा कि स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में भारत हमेशा सही के साथ खड़ा रहा है और दुनिया को सत्य, शांति और न्याय का संदेश देता रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी इस यात्रा के दौरान शीर्ष इसराइली नेताओं से बातचीत करेंगे और द्विपक्षीय रक्षा व व्यापार संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों के तहत क्नेस्सेट को संबोधित करने वाले हैं। पिछले नौ वर्षों में यह उनकी दूसरी इसराइल यात्रा होगी। मोदी से पहले कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री आज तक इसराइल नहीं पहुंचा है।
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भाजपा ने प्रियंका के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने X पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता पर व्यक्तिगत हमला बोला और बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें “भारतीय राजनीति की फीमेल गजनी” करार दिया। 2008 की फिल्म Ghajini के थोड़े समय के लिए याददाश्त खोने वाले किरदार से तुलना करते हुए भाटिया ने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी ग़ज़ा पर तो बोल रही हैं लेकिन इसराइल पर 7 अक्टूबर के हमलों को नजरअंदाज कर रही हैं।
गौरव भाटिया ने प्रियंका की एक पुरानी तस्वीर भी साझा की, जिसमें उनके बैग पर ‘Palestine’ लिखा दिखाई देता है। उन्होंने कहा, “संसद में ‘Palestine’ बैग लेकर जाना आसान है, लेकिन 7 अक्टूबर को 1,200 से अधिक निर्दोष लोगों की हत्या, महिलाओं के अपहरण और दुष्कर्म की निंदा करने का नैतिक साहस प्रियंका गांधी में नहीं है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “फर्जी गांधी उपनाम” रखने से साहस और दृढ़ता नहीं आ जाती और ऐसे मामलों में वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठना जरूरी है।

बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया का ट्वीट यहां पढ़ें

ग़ज़ा पर हमले जारी हैंः रमेश

उधर कांग्रेस ने भी सरकार के रुख पर हमला तेज कर दिया है। पार्टी के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने फिलिस्तीनियों को छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे समय इसराइल जा रहे हैं जब ग़ज़ा में नागरिकों पर हमले “निर्दयता से” जारी हैं।
भारत और इसराइल के रिश्तों को जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री मोदी की पहली यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। मौजूदा यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापार सहयोग को और मजबूत करना है, लेकिन इसराइल में ग़ज़ा ने जो तबाही मचाई है, उसे दुनिया के किसी भी देश में पसंद नहीं किया गया। पूरी दुनिया में नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन हुए। ग़ज़ा में 70 हज़ार फिलिस्तीनियों की हत्या कर दी गई। जिनमें महिलाओं और बच्चों की तादाद सबसे ज्यादा है। ग़ज़ा में सभी अस्पतालों को तबाह कर दिया गया। हालांकि इससे पहले हमास ने इसराइल के अंदर हमला किया था, जिसमें 1200 लोग मारे गए थे। लेकिन हमास ने यह हमला फिलिस्तीन में इसराइल द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के विरोध में था।

विवादित बयानों के लिए बदनाम गौरव भाटिया

गौरव भाटिया, जो सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील भी हैं, BJP के प्रवक्ता के रूप में अक्सर मीडिया और सोशल मीडिया पर विपक्ष को घेरते हैं। उनके बयान अक्सर व्यक्तिगत हमलों, व्यंग्य और राजनीतिक आरोपों से भरे होते हैं, जो विवाद पैदा करते हैं। 

राहुल गांधी पर गौरव भाटिया की टिप्पणियां

हाल ही में AI इम्पैक्ट समिट में हुए विवाद पर राहुल गांधी की टिप्पणी के जवाब में भाटिया ने कहा कि "जिनके पास इंटेलिजेंस नहीं है, उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ट्वीट नहीं करना चाहिए"। उन्होंने राहुल को "रेडीमेड ट्वीट्स" पोस्ट करने वाला बताया और आरोप लगाया कि राहुल हमेशा भारत की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं।

  • अक्टूबर 2025 में, राहुल की कोलंबिया यात्रा पर भाटिया ने कहा कि "राहुल गांधी का एकमात्र काम विदेशी धरती पर भारत को बदनाम करना है"।

  • दिसंबर 2025 में, भाटिया ने राहुल को "राजनीति का भस्मासुर" कहा। आरोप लगाया कि उन्होंने महाराष्ट्र में शरद पवार और उद्धव ठाकरे की पार्टियों को नुकसान पहुंचाया।

  • अक्टूबर 2024 में, गौरव भाटिया ने सोनिया, राहुल और प्रियंका को "फेक गांधी" कहा। दावा किया कि वे लोग गांधी उपनाम का दुरुपयोग कर रहे हैं।

गांधी परिवार को टारगेट करने का पैटर्न

पिछले कई दिनों से BJP राहुल गांधी पर फोकस कर रही थी। प्रियंका पर 25 फरवरी के बयान (फरवरी 2026) से लगता है कि BJP अब उन्हें भी मुख्य टारगेट बना रही है, खासकर जब प्रियंका कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यह शिफ्ट प्रियंका को राहुल के विकल्प के रूप में देखे जाने के बाद आया है।
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भाटिया के बयान अक्सर व्यक्तिगत होते हैं (जैसे "फीमेल गजनी" या "भस्मासुर"), जो मीडिया अटेंशन पाने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। हालांकि, यह रणनीति कई बार बैकफायर भी कर जाती है, क्योंकि यह राजनीति को व्यक्तिगत बना देती है, मुद्दों से ध्यान हटाती है। ग़ज़ा में नरसंहार को जिन लोगों ने देखा और पढ़ा है, वो बीजेपी प्रवक्ता का बयान कभी पसंद नहीं करेंगे।