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हैदराबाद एनकाउंटर- अभियुक्तों ने हथियार छीन लिए थे, पुलिस का दावा

हैदराबाद बलात्कार और हत्या मामले के आरोपियों की मुठभेड़ में ढेर करने पर उठ रहे सवालों के बीच तेलंगाना पुलिस ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर सफ़ाई दी है। हैदराबाद पुलिस ने दावा किया कि पुलिस कर्मियों ने जवाबी कार्रवाई में अभियुक्तों पर फ़ायरिंग की। पुलिस का कहना है कि बलात्कार और हत्या के इन अभियुक्तों ने पुलिस से हथियार छीन लिए थे और ये हथियार अन्लॉक्ड थे।

पुलिस ने दावा किया है कि पुलिस जाँच के लिए जब चारों अभियुक्तों को डॉक्टर की हत्या की जगह पर ले जाया जा रहा था तभी उन्होंने भागने की कोशिश की। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वी सी सज्जनार ने दावा किया कि जैसे ही आरोपियों को उस घटनास्थल पर लाया गया पाँच से दस मिनट में यह सब शुरू हो गया। सज्जनार ने कहा कि अभियुक्तों को घटनास्थल पर इसलिए लाया गया था कि डॉक्टर की हत्या की रात वहाँ से डॉक्टर के सामान को बरामद किया जा सके। उन्होंने कहा कि हमने पावर बैंक, घड़ी और सेलफ़ोन बरामद किया। 

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सज्जनार ने दावा किया, 'अभियुक्तों ने पत्थर और छड़ियों से हमला कर दिया, हथियार (पुलिस की गन) छीन लिए और पुलिस पर फ़ायरिंग कर दी। अफ़सरों ने चेतावनी दी और समर्पण करने को कहा, लेकिन उन्होंने फ़ायरिंग जारी रखी। इसके बाद हमने भी फ़ायरिंग शुरू कर दी और मुठभेड़ में वे मारे गए।'

पुलिस का कहना है कि उस समय 10 पुलिसकर्मी साथ थे। इसके अनुसार, उनमें से दो को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें स्थानीय हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है। 

बता दें कि इस मुठभेड़ के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है और नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के सवाल पर सज्जनार ने कहा कि सरकार, मानवाधिकार आयोग या जो कोई भी मामले का संज्ञान लेता है हम उसका जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि मैं बस यही कह सकता हूँ कि क़ानून ने अपना काम किया है।

इससे पहले सज्जनार ने शुक्रवार सुबह मुठभेड़ के बाद कहा था कि चारों आरोपी शादनगर के चटनपल्ली में शुक्रवार तड़के तीन बजे से छह बजे की बीच एनकाउंटर में मारे गए। लेकिन तब उन्होंने इसका पूरा विवरण नहीं दिया था।

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बता दें कि हैदराबाद के शादनगर में 27 नवंबर की रात जानवरों की डॉक्टर से बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों मुहम्मद आरिफ़, शिवा, नवीन और केशवुलू को पुलिस रिमांड में रखा था। चारों आरोपियों को फाँसी की सज़ा दिए जाने की माँग की जा रही थी। इसके लिए देश भर में कई जगह प्रदर्शन हुए थे। 

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क़मर वहीद नक़वी
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