एम्स गोरखपुर में नगालैंड की एक डॉक्टर से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया। कोनराड संगमा ने इसे नस्लीय और शर्मनाक बताया। दिल्ली में भी एक नस्लीय घटना हुई है। नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों?
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में काम करने वाली नगालैंड की एक युवा डॉक्टर के साथ बहुत बुरी घटना हुई है। तीन युवकों ने रविवार शाम को उन्हें 1.5 किलोमीटर तक बाइक पर पीछा किया, अश्लील बातें कीं, नस्लीय टिप्पणियां कीं और छेड़छाड़ की। मेघालय के मुख्यमंत्री ने नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ हो रही नस्लीय टिप्पणियाँ, हिंसा का मुद्दा उठाया और इसे बेहद शर्मनाक कहा है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और तीसरे की तलाश जारी है।
पीड़िता 25 साल की हैं और एम्स गोरखपुर में थर्ड ईयर रेजिडेंट डॉक्टर हैं। वे नगालैंड से हैं और ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग में काम करती हैं। घटना रविवार शाम को हुई जब डॉक्टर ओरियन मॉल से कुछ सामान खरीदकर एम्स वापस लौट रही थीं।
पुलिस के मुताबिक़ तीन लोग बाइक पर थे। उन्होंने डॉक्टर को पीछा करना शुरू किया और रास्ते भर अश्लील कमेंट्स किए। उन्होंने उनकी उत्तर-पूर्वी पहचान को लेकर नस्लीय गालियां भी दीं। डॉक्टर एम्स के गेट नंबर 2 के पास पहुंचीं तो एक आरोपी ने अपनी कमीज उतारकर उन्हें डराने की कोशिश की। फिर आरोपियों ने उन्हें गलत तरीके से छुआ और अश्लील इशारे किए। जब डॉक्टर ने विरोध किया और चिल्लाईं, तो आरोपी धमकियाँ देकर भाग गए।
डॉक्टर अपने हॉस्टल पहुंचीं और अपने साथी डॉक्टरों को बताया। उन्होंने उच्चाधिकारियों से आप बीती बताई। सोमवार को शिकायत दर्ज हुई। पुलिस ने एम्स, मॉल और रास्ते के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। इससे दो आरोपी पकड़े गए।
गोरखपुर के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया, 'तीन लोग शामिल थे। दो को गिरफ्तार कर लिया गया है - सूरज गुप्ता और अमृत विश्वकर्मा। दोनों देवरिया जिले के रहने वाले हैं। सूरज फल की दुकान चलाता है और अमृत जनरल स्टोर का काम करता है। आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। तीसरे आरोपी की तलाश में छापेमारी चल रही है। बाइक भी जब्त कर ली गई है।'
आरोपियों पर आईपीसी की धारा 354 यानी महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से हमला, अश्लील हरकतें, आपराधिक धमकी और शांति भंग करने वाली गाली देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं के साथ नस्लवाद: मेघालय सीएम
इस घटना पर मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने सोशल मीडिया एक्स पर ग़ुस्सा जताया। उन्होंने लिखा, 'उत्तर-पूर्व की महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव और सेक्सुअल हैरासमेंट सिर्फ़ सुर्खियाँ बनकर भूल नहीं जाना चाहिए। एम्स गोरखपुर में नगालैंड की एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुआ नस्लीय और सेक्सुअल उत्पीड़न बेहद शर्मनाक है। किसी सभ्य देश में महिला की इज्जत के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। वे भी आपकी बहनें और बेटियाँ हैं। मैं अधिकारियों से अपील करता हूँ कि दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करें।'दिल्ली में भी नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं पर नस्लीय टिप्पणियाँ
हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर में भी नॉर्थ ईस्ट की तीन महिलाओं के साथ नस्लीय टिप्पणियां की गईं। उनके ख़िलाफ़ 'मोमो बेचने वाली' और '500 में मसाज पार्लर में धंधा करने वाली'। वहां भी FIR दर्ज हुई।
अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाएं चौथी मंजिल के किराए के फ्लैट में रहती हैं। इनमें से एक यूपीएससी की तैयारी करने वाली भी शामिल हैं। उन्होंने अपने फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवाने के लिए बिजली मिस्त्री बुलाया था। ड्रिलिंग के दौरान धूल और मलबा नीचे की मंजिल पर गिर गया, जिससे नीचे रहने वाले पड़ोसी हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन नाराज हो गए। शुरुआत में सिर्फ मलबे की बात थी, लेकिन विवाद बढ़ते-बढ़ते नस्लीय और आपत्तिजनक हो गया। उत्तर प्रदेश से और ख़बरें
घटना के बाद बिल्डिंग के ब्रोकर ने महिलाओं को कहा कि इमारत में मरम्मत का काम शुरू होने वाला है, इसलिए उन्हें दो महीने में फ्लैट खाली करना होगा। इससे महिलाओं में सुरक्षा और भविष्य के आवास को लेकर डर बढ़ गया है।
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ भेदभाव बंद होना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'ऐसी घटनाएं बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। भारत जैसा विविधतापूर्ण देश में किसी के साथ ऐसा सम्मानहीन व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। नॉर्थ-ईस्ट के लोग भी हमारे अपने हैं। सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और समाज में संवेदनशीलता बढ़ानी होगी।'
यह घटना उत्तर-पूर्व के लोगों के साथ होने वाले नस्लवाद और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उठा रही है। कई संगठनों ने भी इसकी निंदा की है और बेहतर सुरक्षा की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जाँच जारी है और जल्द ही तीसरा आरोपी भी पकड़ा जाएगा। ऐसी घटनाएँ समाज के लिए चिंता का विषय हैं। महिलाओं की सुरक्षा और सभी के साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करना हर किसी की जिम्मेदारी है।