स्कॉटलैंड से चला एक पच्चीस साल का नौजवान भारत पहुंचा और एक बार हिमालय पर क्या गया, यहीं का हो कर रह गया। मशहूर लेखक और हिमालय प्रेमी बिल एटकिन्स के यात्रा वृत्तांत Footloose in The Himalayas का उतना ही रोचक अनुवाद किया है लेखक, पत्रकार और हिमालय की खाक छाननेवाले पर्यावरण प्रेमी हृदयेश जोशी ने। इसी किताब "एटकिन का हिमालय" के बहाने बात होगी हिमालय और उसमें छुपे आकर्षण पर।
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