2019 में चुनाव आयोग पर जनता का भरोसा मज़बूत था, लेकिन 2024 आते-आते तस्वीर पूरी तरह बदल गई। CSDS-लोकनीति सर्वे बताता है कि जनता अब आयोग को सरकार का सहारा मान रही है, न कि जनता का प्रहरी। आखिर भरोसा टूटा क्यों? और इसका असर लोकतंत्र पर क्या होगा? देखिए सत्य हिंदी का ख़ास शो “आशुतोष की पैनी नज़र”।
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