मोदी सरकार ने भारी महँगाई के बीच खाने-पीने की चीज़ों पर जीएसटी क्यों लगाया? क्या वह पूरी तरह से बेरहम हो गई है? एक ओर कार्पोरेट को छूट और दूसरी तरफ आम जनता से लूट क्यों? आटा और दूध जैसे उत्पादों पर जीएसटी से क्या आम लोगों की कमर नहीं टूट जाएगी?
मोदी सरकार ने भारी महँगाई के बीच खाने-पीने की चीज़ों पर जीएसटी क्यों लगाया? क्या वह पूरी तरह से बेरहम हो गई है? एक ओर कार्पोरेट को छूट और दूसरी तरफ आम जनता से लूट क्यों? आटा और दूध जैसे उत्पादों पर जीएसटी से क्या आम लोगों की कमर नहीं टूट जाएगी?