भारत सरकार ने नेपाल से लिपुलेख सीमा विवाद पर बातचीत के संकेत तो दिए हैं, मगर बहुत देर से। ये देरी मोदी सरकार की अहंकार एवं उपेक्षा की वज़ह से हुई है और इसने नेपाल को इतना दूर कर दिया है कि अब दोनों देश शत्रुओं की तरह आमने-सामने खड़े नज़र आ रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की रिपोर्ट
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।

























