आर्थिक चिंताओं के दबाव में सरकार ने ढील देने का फ़ैसला ले लिया है, और अब कुछेक राज्यों को छोड़कर सभी जगह दफ़्तर, बाज़ार खुलने लगे हैं। लेकिन ये खुलापन कई तरह की चुनौतियाँ भी लाने वाला है। सवाल उठता है कि क्या सरकार उन चुनौतियों के लिए तैयार है? वरिष्ठ पत्रकार बता रहे हैं कि वे कौन सी पाँच चुनौतियाँ हैं जिनकी तैयारी सरकार को करना चाहिए थी और उसने ये की है या नहीं।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























