अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा विश्वविद्यालयों में आरक्षण हटाने के फ़ैसले का भारत में क्या असर होगा? क्या इससे आरक्षण विरोधियों के हौसले बढ़ेंगे? क्या भारत के सवर्ण भी आरक्षण व्यवस्था ख़त्म करने की माँग तेज़ कर देंगे? ऐसा हुआ तो मोदी सरकार क्या करेगी क्योंकि उसकी मंशा भी संदिग्ध रही है?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























