नीतीश कुमार ने विपक्षी एकता के लिए जुटने की बात दोहराई है. क्या यह बहुत आसान है? एक तरह अखिलेश यादव, केसीआर ,अरविंद केजरीवाल तो दूसरी तरफ शरद पवार, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे आदि. क्या यह आसान है?
नीतीश कुमार ने विपक्षी एकता के लिए जुटने की बात दोहराई है. क्या यह बहुत आसान है? एक तरह अखिलेश यादव, केसीआर ,अरविंद केजरीवाल तो दूसरी तरफ शरद पवार, ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे आदि. क्या यह आसान है?