क्या काँग्रेस की चुनावी रणनीति में कोई बड़ी खोट है, कमी है? कहीं इस रणनीति से उसे और इंडिया गठबंधन को नुक़सान उठाना पड़ सकता है? क्या राहुल गाँधी या मल्लिकार्जुन खड़गे इसे दुरुस्त करने के लिए तुरंत क़दम उठा सकते हैं?
क्या काँग्रेस की चुनावी रणनीति में कोई बड़ी खोट है, कमी है? कहीं इस रणनीति से उसे और इंडिया गठबंधन को नुक़सान उठाना पड़ सकता है? क्या राहुल गाँधी या मल्लिकार्जुन खड़गे इसे दुरुस्त करने के लिए तुरंत क़दम उठा सकते हैं?