पश्चिम बंगाल में मतदाताओं को रिझाने के लिए बीजेपी ने शुक्रवार को चुनावी घोषणापत्र के रूप में जारी 'संकल्प पत्र' में कई लोकलुभावन वादे किए हैं। इसमें महिलाओं को नकद सहायता देने, भ्रष्टाचार पर नकेल कसते हुए दोषियों को जेल भेजने, छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू करने और सत्ता में आने पर घुसपैठ के खिलाफ सख्त नीति अपनाने का वादा किया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में चुनावी संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनी तो 6 महीने के अंदर समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी। इसके अलावा, हर महिला को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक मदद देने, सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने और 45 दिनों में 7वें वेतन आयोग को लागू करने जैसे बड़े वादे भी किए गए हैं।
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अमित शाह ने संकल्प पत्र लॉन्च करते हुए कहा कि पिछले 15 साल ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी सरकार में बंगाल में अंधेरा छाया रहा है। लोग डर में जी रहे हैं और अब बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'यह संकल्प पत्र बंगाल के हर वर्ग को निराशा से बाहर निकालने का रास्ता है। किसानों के डर को दूर करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत का सपना दिखाएगा।'

बीजेपी के संकल्प पत्र के 15 बड़े वादे

  • राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घुसपैठियों पर प्रभावी कार्रवाई।
  • टीएमसी के 15 साल के भ्रष्टाचार का व्हाइट पेपर जारी करना और कानून-व्यवस्था बिगड़ने को उजागर करना।
  • सिंडिकेट राज और "कट मनी" संस्कृति को पूरी तरह ख़त्म करना।
  • सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता सुनिश्चित करना और 7वें वेतन आयोग को लागू करना।
  • एक करोड़ नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर, बेरोजगार युवाओं को 3000 रुपये की सहायता।
  • महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण – महिला पुलिस बटालियन, दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड, राज्य नौकरियों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण।
  • महिलाओं को 3000 रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता।
  • कुरमाली और राजबोंग्शी भाषाओं को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना।
  • चावल, आलू और आम की खेती को मदद देना।
  • PM मत्स्य सम्पदा योजना के तहत सभी मछुआरों का पंजीकरण। अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए पश्चिम बंगाल को प्रमुख औद्योगिक और मछली निर्यात केंद्र बनाना।
  • यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करना और गौ-तस्करी रोकने के लिए सख्त कानून।
  • पुरानी चाय बागानों का पुनरुद्धार, दार्जिलिंग चाय ब्रांडिंग को मजबूत करना और जूट उद्योग का आधुनिकीकरण।
  • आयुष्मान भारत योजना सहित सभी केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करना, मुफ्त एचपीवी वैक्सीन, ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग, उत्तर बंगाल में AIIMS, IIT और IIM स्थापित करना।
  • वंदे मातरम संग्रहालय की स्थापना।
  • धार्मिक प्रथाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाना।

'बंगाल की सांस्कृतिक पहचान लौटाएंगे'

अमित शाह ने कहा कि बीजेपी बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को फिर से मजबूत करेगी। लोग बिना डर के और गर्व के साथ जी सकें, ऐसा बंगाल बनाएंगे। उन्होंने पोइला बैसाख यानी 15 अप्रैल से रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती यानी 9 मई तक के समय को बंगाल की खोई हुई गरिमा लौटाने का प्रतीक बताया।

बीजेपी फिलहाल बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल है। अमित शाह ने कहा कि लोग दिल से बदलाव चाहते हैं और बीजेपी हर वर्ग के लिए काम कर रही है। इस संकल्प पत्र को 'विश्वास का संकल्प' बताया गया है, जो बंगाल को विकास के नए रास्ते पर ले जाएगा। अब देखना होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बंगाल की जनता इन वादों पर कितना भरोसा करती है।
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टीएमसी के घोषणा पत्र में क्या है?

टीएमसी ने अपने घोषणा को 'दीदी के 10 प्रतिज्ञा' के रूप में पेश किया गया। जिसमें मुख्य रूप से महिलाओं, युवाओं, किसानों, स्वास्थ्य, आवास और विकास पर फोकस है।

टीएमसी के मुख्य 10 वादे

  • लक्ष्मीर भंडार योजना— महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता बढ़ाकर 1500 रुपये (सामान्य श्रेणी) और 1700 रुपये (एससी/एसटी श्रेणी) प्रति माह करने का वादा।
  • बांग्लार युवा साथी योजना— 21-40 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलने तक 1500 रुपये प्रति माह की सहायता।
  • कृषि बजट— 30000 करोड़ रुपये का कृषि बजट, जिसमें किसान परिवारों को निरंतर सहायता, भूमिहीन किसानों के लिए विशेष पैकेज और कृषि क्षेत्र का समग्र विकास शामिल।
  • सभी परिवारों को पक्का मकान — बंगाल के हर परिवार को पक्का घर सुनिश्चित करना।
  • हर घर नल से शुद्ध पेयजल— राज्य के हर घर में पाइप्ड ड्रिंकिंग वॉटर पहुंचाने का मिशन।
  • दुआरे चिकित्सा— हर ब्लॉक, टाउन में सालाना डोरस्टेप स्वास्थ्य शिविर आयोजित करना, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं घर-घर पहुंचें।
  • शिक्षा में सुधार— सरकारी स्कूलों का बुनियादी ढांचा अपग्रेड करना, ई-लर्निंग सुविधाएं बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना।
  • पूर्वी भारत का व्यापार गेटवे— बंगाल को पूर्वी भारत का ट्रेड हब बनाने के लिए ग्लोबल ट्रेड सेंटर, आधुनिक पोर्ट, लॉजिस्टिक्स हब विकसित करना, निर्यात बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार सृजन।
  • प्रशासनिक सुधार— बेहतर सुशासन और सेवाओं के लिए 7 नए जिले बनाना और शहरी स्थानीय निकायों का विस्तार करना।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन— मौजूदा लाभार्थियों को निरंतर पेंशन सुनिश्चित करना और धीरे-धीरे सभी पात्र बुजुर्गों को पेंशन कवरेज में शामिल करना।
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टीएमसी ने इसके अलावा भी कई घोषणाएँ की हैं। बंगाल को 5 वर्षों में 40 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था और 10 वर्षों में भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का विजन। डबल डिजिट आर्थिक विकास बनाए रखना और निवेश आकर्षित करना। यह घोषणा पत्र मुख्य रूप से कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित है और पिछले कार्यकाल की योजनाओं को विस्तार देने पर जोर देता है।