पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के भाषण को लेकर अब एफआईआर दर्ज की गई है। अभिषेक पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप है।
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ चुनावी रैली में विवादित बयान देने का आरोप है। पुलिस ने शुक्रवार को गैर-जमानती धाराओं के तहत यह कार्रवाई की।
राजीव सरकार नामक व्यक्ति की शिकायत पर बिधाननगर साइबर क्राइम विभाग ने एफआईआर दर्ज की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने अमित शाह और अन्य भाजपा नेताओं को धमकी दी।
अभिषेक बनर्जी के आरोपित बयान
शिकायतकर्ता राजीव सरकार ने एफआईआर में आरोप लगाया कि 7 अप्रैल को कोलकाता में एक रोडशो के दौरान अभिषेक बनर्जी ने कथित तौर पर कहा था: “मैं देखूंगा 4 मई को कौन उन्हें बचाने आता है। मैं देखूंगा... दिल्ली से कौन सा गॉडफादर उन्हें बचाने आता है।”
सरकार ने कहा, “अभिषेक ने सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए अमित शाह को चुनाव परिणामों के बाद बिना केंद्रीय सुरक्षा के जनता के सामने आने की चुनौती दी और दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस उस खेल को खत्म कर देगी, जो उन्होंने भाजपा द्वारा शुरू किए जाने का आरोप लगाया था।”
अभिषेक पर गैर जमानती धाराएं लगाई गईं
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है: धारा 196 (शत्रुता, घृणा को बढ़ावा देना) गैर-जमानती, 3 वर्ष तक की कैद और जुर्माना। धारा 351 (आपराधिक धमकी)। धारा 353(1)(c) (झूठी सूचना, अफवाहें फैलाकर घृणा भड़काना)। ये सभी गैर जमानती धाराएं हैं। इसके अलावा, अभिषेक बनर्जी पर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123(2) और धारा 125 के भी तहत मामला दर्ज किया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस ने शिकायतकर्ता राजीव सरकार से जब बात की तो उन्होंने कहा- “यह अभिषेक बनर्जी के बारे में नहीं है। कोई भी राजनीतिक नेता जो दूसरे राजनीतिक नेता के खिलाफ ऐसी भाषा और धमकियों का इस्तेमाल करे, वह स्वीकार्य नहीं है। 5 मई को मैं बागुईआटी थाने गया था। उन्होंने मुझे साइबर क्राइम ब्रांच जाने को कहा। फिर मैंने 5 मई को बिधाननगर साइबर क्राइम विभाग में शिकायत दर्ज कराई। आज (शुक्रवार) मुझे सूचित किया गया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है।”
टीएमसी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। लेकिन टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से लगातार सरकार का विरोध किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों को स्वीकार नहीं किया है। उनका कहना है कि बीजेपी ने यह जीत चुनाव आयोग की साजिश से हासिल की है। जनता ने बीजेपी को वोट नहीं दिया है। ममता बनर्जी भवानीपुर से खुद चुनाव हार गई हैं।
बीजेपी सरकार के मंत्री दिलीप घोष की टिप्पणी
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और उनके नेताओं ने तानाशाही तरीके से काम किया है। उस समय लोग डर के मारे शिकायत नहीं कर पाए… अब वे शिकायत करने को तैयार हैं और पुलिस कार्रवाई करने को तैयार है, इसलिए न्याय जरूर मिलेगा।”