बंगाल के सभी वोटरों को 'अंडर एडजुडिकेशन' दिखा दिए जाने पर टीएमसी ने चुनाव आयोग पर हमला बोला है और गंभीर सवाल उठाए हैं। हालाँकि, एक अधिकारी का कहना है कि अब ECI इस गड़बड़ी की जांच कर रहा है।
चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस
पश्चिम बंगाल में पहले से ही एसआईआर पर बवाल मचा है और अब सभी वोटरों के 'अंडर एडजुडिकेशन' यानी जाँच के अधीन दिखा दिए जाने के बाद और हंगामा खड़ा हो गया। 'अंडर एडजुडिकेशन' वे वोटर हैं जिनमें मामूली गड़बड़ियाँ हैं और जिनको पड़ताल के बाद ही मतदाता सूची में रखा जा सकता है। चुनाव आयोग ने सफाई दी है कि यह सिर्फ़ कुछ समय के लिए डिस्प्ले में तकनीकी दिक्कत की वजह से ऐसा दिखा और असल में सभी वोटरों की स्थिति ऐसी नहीं थी। एक अधिकारी ने कहा है कि समस्या को कुछ घंटों में ठीक कर दिया गया है और अब चुनाव आयोग इस गड़बड़ी की पूरी जाँच कर रहा है। चुनाव आयोग की सफ़ाई कुछ भी हो, लेकिन टीएमसी ने तो इस पर हमला कर दिया।
बंगाल के सभी वोटरों को चुनाव आयोग की वेबसाइट पर 'अंडर एडजुडिकेशन' दिखने की यह समस्या मंगलवार रात को सामने आई। जब लोग अपने वोटर आईडी से चुनाव आयोग की वेबसाइट और ऐप पर अपना नाम चेक करने गए तो हर किसी का स्टेटस 'अंडर एडजुडिकेशन' दिख रहा था जबकि उनका नाम फ़ाइनल वोटर लिस्ट में पहले से शामिल था। यह गड़बड़ी उस समय हुई जब सोमवार रात को आधी रात के बाद चुनाव आयोग ने बंगाल की पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी की थी। सिर्फ 24 घंटे बाद यह समस्या आ गई।
टीएमसी ने चुनाव आयोग पर हमला बोला
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया। पार्टी ने कहा कि इससे पूरे वोटर लिस्ट पर संदेह पैदा हो गया है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा, "क्या हो रहा है चुनाव आयोग? क्या यह मजाक है? कालीगंज बूथ नंबर 180 का वोटर (सीरियल 65), जो 28 फरवरी की फाइनल लिस्ट में क्लियर था, अब अंडर एडजुडिकेशन दिख रहा है!"बाद में उन्होंने आगे पोस्ट किया, "बंगाल के हर वोटर को ‘अंडर एडजुडिकेशन’ दिखाया जा रहा है! चुनाव आयोग लाखों-करोड़ों रुपये टैक्सपेयर का पैसा बर्बाद कर रहा है और अपना सॉफ्टवेयर भी ठीक से नहीं चला पा रहा? मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पुलिस को टेकडाउन नोटिस जारी करने में व्यस्त हैं, जबकि बंगाल में बिहार के भाजपा दामादों को ऑब्जर्वर बना रहे हैं। यह अपराध है!"
टीएमसी का आरोप है कि यह गड़बड़ी वोटरों को संदेह में डालने की साजिश है। पार्टी ने कहा कि वैध वोटर भी अब संदिग्ध दिखाए जा रहे हैं।
बंगाल में एसआईआर
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की खास समीक्षा चल रही है। फ़रवरी के अंत में जारी फाइनल लिस्ट में क़रीब 60 लाख वोटरों को पहले से ही 'अंडर एडजुडिकेशन' रखा गया था। अब इस गड़बड़ी से लोगों में और ज्यादा भ्रम और ग़ुस्सा है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि यह सिर्फ एक अस्थायी तकनीकी समस्या थी और वोटर लिस्ट पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन टीएमसी और दूसरे विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं कि चुनाव आयोग का सॉफ्टवेयर इतना कमजोर क्यों है।
अभी तक चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले पर और ज्यादा डिटेल नहीं दी है। लेकिन आधिकारिक रूप से कहा गया है कि जाँच चल रही है और समस्या पूरी तरह ठीक हो चुकी है।
पश्चिम बंगाल से और ख़बरें
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग के अधिकारी ने कहा, "मंगलवार रात को समस्या नज़र आई। यह सर्वर या बैकएंड इंटीग्रेशन से जुड़ी तकनीकी ग़लती थी। इसे जल्दी ठीक कर दिया गया। हम इसके असली कारण की जाँच कर रहे हैं।" उन्होंने आगे बताया, "कुछ समय के लिए सिस्टम ने गलती से पूरे राज्य के सभी वोटर्स को अंडर एडजुडिकेशन दिखा दिया। यह सही नहीं था, सिर्फ डिस्प्ले एरर था।" रिपोर्ट के अनुसार वोटरों को हुई परेशानी पर अफसर ने माफ़ी माँगी।