यह सजा शेख हसीना के लिए एक क़ानूनी झटका है, क्योंकि यह उनकी निर्वासन के बाद पहली आधिकारिक सजा है। जानकारों का मानना है कि यह फ़ैसला बांग्लादेश में उनकी राजनीतिक विरासत और उनकी पार्टी, अवामी लीग, के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। अवामी लीग के समर्थकों ने इस फ़ैसले को राजनीति से प्रेरित करार दिया है, जबकि आलोचकों का कहना है कि यह बांग्लादेश में न्यायिक स्वतंत्रता को दिखाता है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह फ़ैसला बांग्लादेश में अंतरिम सरकार की स्थिति को मज़बूत कर सकता है। दूसरी ओर, हसीना के समर्थकों का कहना है कि यह फ़ैसला देश में राजनीतिक स्थिरता को और कमजोर कर सकता है।