होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया है। इसने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट अब सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एक्स पर लिखा, 'लेबनान में सीजफायर के अनुरूप, सीजफायर की बाकी अवधि के दौरान सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला घोषित किया जाता है। जहाजों को ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन द्वारा बताए गए रूट से ही गुजरना होगा।'
यह घोषणा लेबनान और इसराइल के बीच 10 दिन के सीजफायर के बाद आई है, जिसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को की थी। ट्रंप ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि 'होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला है और व्यापार और आवाजाही के लिए तैयार है। लेकिन ईरान से संबंधित नौसैनिक ब्लॉकेड पूरी तरह लागू रहेगा, जब तक ईरान के साथ हमारा सौदा 100% पूरा नहीं हो जाता।' ट्रंप ने आगे कहा कि ब्लॉकेड केवल ईरान पर लागू रहेगा और बाकी देशों के जहाजों को कोई समस्या नहीं होगी।
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दुनिया का क़रीब पांचवां हिस्सा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी इसी रास्ते से गुजरता है। फ़रवरी 28 से शुरू हुए अमेरिका-इसराइल हमलों के बाद ईरान ने इस स्ट्रेट को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। इससे पूरी दुनिया में तेल की क़ीमतें आसमान छूने लगी थीं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।

बाजारों में खुशी की लहर

ईरान की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया आई। तेल की कीमतें 10% तक गिरकर 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। शेयर बाजार ऊपर चढ़ गए। डॉलर की कीमत यूरो, पाउंड और येन के मुकाबले तेजी से गिरी। सरकारी बॉन्ड की यील्ड भी घटी, क्योंकि निवेशकों को लगा कि अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम हो गई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने इस हफ्ते चेतावनी दी थी कि अगर संघर्ष लंबा खिंचा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी में जा सकती है। अब बाजारों में राहत की सांस है।
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ट्रंप का दोहरा रुख

ट्रंप ने लेबनान-इसराइल सीजफायर की घोषणा करते हुए कहा था कि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत इस सप्ताहांत हो सकती है। लेकिन शुक्रवार दोपहर तक इस्लामाबाद में बैठक की तैयारियाँ मुश्किल नजर आ रही थीं। ट्रंप ने साफ़ किया कि ईरान के साथ पूर्ण शांति समझौता होने तक अमेरिकी नौसेना का ब्लॉकेड जारी रहेगा। उन्होंने कहा, 'हम ईरान से सौदा पूरा होने तक इंतजार करेंगे।'

ईरान की तरफ से अभी इस पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन अरागची ने कहा कि जहाज ईरान द्वारा तय किए गए रूट से ही गुजरेंगे।

यूएस-ईरान समझौते के बेहद क़रीब: ट्रंप

इससे एक दिन पहले गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता बेहद क़रीब है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अपने एनरिच्ड यानी संवर्द्धित यूरेनियम का स्टॉक सौंपने पर सहमति दे दी है। यह मुद्दा दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत की सबसे बड़ी अड़चन था। तो अब वार्ता का रास्ता साफ़ नज़र आ रहा है। रायटर्स ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच अगर इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत होगी तो वह समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए होगी। यानी दोनों पक्ष जब तमाम मुद्दों पर सहमत हो जाएंगे तभी बातचीत के लिए तारीख़ की घोषणा होगी।

इससे पहले व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था, 'उन्होंने हमें अपना न्यूक्लियर डस्ट वापस देने पर सहमति दे दी है।' न्यूक्लियर डस्ट से उनका मतलब उस संवर्द्धित यूरेनियम से था, जो पिछले साल अमेरिका-इसराइल के हवाई हमलों में दब गया था। ट्रंप ने जोर देकर कहा, 'समझौते की बहुत अच्छी संभावना है। हम बहुत करीब हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि अगर समझौता इस्लामाबाद में होता है और वहां साइन किया जाता है तो वे खुद वहां जाने पर विचार कर सकते हैं।
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फरवरी अंत में शुरू हुए इस संघर्ष में हजारों लोग मारे गए और मध्य पूर्व की स्थिति अस्थिर हो गई। पाकिस्तान की मध्यस्थता से दो हफ्ते का सीजफायर चल रहा है, जो 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। दोनों पक्षों के बीच इस्लामाबाद में दूसरी बैठक की उम्मीद है, लेकिन अभी कोई तारीख तय नहीं हुई।

जानकारों का कहना है कि होर्मुज खुलने से तेल की सप्लाई पर तुरंत राहत मिलेगी, लेकिन असली शांति तभी आएगी जब अमेरिका और ईरान के बीच पूर्ण समझौता हो जाएगा। फिलहाल बाजार खुश हैं, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।