प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मलेशिया की यात्रा के दौरान आतंकवाद पर भारत की सख्त नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख बहुत साफ है। इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं चलेगा और इससे कोई समझौता नहीं होगा। यह बात उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। दोनों नेताओं की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में भी आतंकवाद की हर शक्ल की कड़ी निंदा की गई है।

दोनों देशों ने आतंकवाद पर मिलजुलकर काम करने पर सहमति जताई है। यह बयान इसलिए खास है क्योंकि मलेशिया में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं और पहले कश्मीर जैसे कुछ मुद्दों पर मलेशिया पाकिस्तान के करीब दिखता था। लेकिन मलेशिया ने पहलगाम और रेड फोर्ट ब्लास्ट जैसे हाल के कुछ आतंकी हमलों की निंदा भी की। अब यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में नई मजबूती लाई है।
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पीएम मोदी ने जोर दिया कि भारत शांति के हर प्रयास का समर्थन करता है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। संयुक्त बयान में दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की, जिसमें क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार प्रयास किए जाएं।

आतंकवाद पर सूचना साझा करेंगे

दोनों नेताओं ने रेडिकलाइजेशन और हिंसक अतिवाद को रोकने, आतंकवाद की फंडिंग रोकने और नई-नई टेक्नोलॉजी का आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल रोकने पर सहमति जताई। इसके लिए दोनों देश सूचना साझा करेंगे, बेस्ट प्रैक्टिसेस का आदान-प्रदान करेंगे और क्षमता बढ़ाने पर काम करेंगे। उन्होंने आतंकवाद और ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम के बीच संबंध को भी माना और इस पर भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। 

भारत और मलेशिया दोनों देश संयुक्त राष्ट्र और एफ़एटीएफ़ यानी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स जैसे मंचों पर आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करेंगे।

रक्षा में सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा क्षेत्र में दोनों देश काउंटर-टेररिज्म, इंटेलिजेंस शेयरिंग और मैरीटाइम सिक्योरिटी में सहयोग बढ़ाएंगे। रक्षा सहयोग को और विस्तार दिया जाएगा।

आर्थिक और अन्य क्षेत्रों में नई शुरुआत

पीएम मोदी ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दुनिया का ग्रोथ इंजन बन रहा है। दोनों देश एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और फूड सिक्योरिटी में सहयोग बढ़ाएंगे। रविवार को हुआ सीईओ फोरम नए ट्रेड और इन्वेस्टमेंट के मौके खोल रहा है। स्ट्रैटेजिक ट्रस्ट से आर्थिक बदलाव आएगा।

दोनों नेताओं ने 11 समझौते साइन किए। इसमें डिफेंस और सिक्योरिटी, डिजिटल पेमेंट्स, भारतीय वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी, ऑडियो-विजुअल सहयोग, टूरिज्म, सेमीकंडक्टर, डिजास्टर मैनेजमेंट, पीसकीपिंग, हेल्थ और मेडिसिन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
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अनवर इब्राहिम ने कहा कि दोनों देश ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, कनेक्टिविटी, डिफेंस, हेल्थकेयर और टूरिज्म में गहरा सहयोग बढ़ा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि द्विपक्षीय व्यापार पिछले साल के 18.6 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो जाएगा। दोनों देश लोकल करेंसी में ट्रेड को बढ़ावा देंगे।


यह यात्रा 7-8 फरवरी को हुई। पीएम मोदी को सेरेमोनियल वेलकम दिया गया। दोनों देशों ने 2024 में शुरू हुई कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत किया। कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत-मलेशिया रिश्तों में नई ऊर्जा लाई है। आतंकवाद पर साझा रुख और आर्थिक सहयोग से दोनों देशों को फायदा होगा।