ईरान पर थोपे गए युद्ध का बुधवार 26वां दिन है। यूएस राष्ट्रपति ट्रंप के पल-पल बदलते बयान के बीच ईरान का इसराइल और मिडिल ईस्ट के देशों पर हमला जारी है। ईरान ने बुधवार को अमेरिकी नौसैनिक बेड़े अब्राहम लिंकन पर मिसाइल गिराई। उसने रास्ता बदल लिया। ईरान ने तेल अवीव में फिर से हमले किए हैं। कुवैत एयरपोर्ट को मिसाइल हमले में काफी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने अमेरिका के सामने बातचीत की कड़ी शर्तें रखी हैं। हालांकि उसने यह भी कहा कि उसकी अमेरिका से कोई बातचीत नहीं हो रही है।

अमेरिका के नौसैनिक बेड़े अब्राहम लिंकन पर मिसाइलें गिराईं

बुधवार को ईरान ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर क्रूज मिसाइलें दागीं। सेना ने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में यह जानकारी दी और चेतावनी दी कि अगर हमलावर समूह के जहाज सीमा में आते हैं तो और भी मिसाइलें दागी जाएंगी। बयान में कहा गया है, "ईरानी नौसेना की कादर क्रूज मिसाइलों (तट-आधारित रोधी मिसाइल) ने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाया और उसे अपनी स्थिति बदलने के लिए मजबूर किया।" यह हमला नौसेना प्रमुख एडमिरल शाहराम ईरानी के उस बयान के बाद हुआ है जिसमें उन्होंने कहा था कि विमानवाहक पोत समूह की गतिविधियों पर "लगातार नजर रखी जा रही है... और जैसे ही यह शत्रु बेड़ा हमारी मिसाइल प्रणालियों की सीमा में आएगा, ईरानी नौसेना द्वारा उस पर शक्तिशाली हमले किए जाएंगे।" इस हमले को लेकर अमेरिकी केंद्रीय कमान के बयान का इंतजार है।

रूस ने कहा- उसे सीज़कायर की जानकारी नहीं

रूस का कहना है कि उसे ट्रंप की युद्धविराम योजना पर ईरान से कोई जानकारी नहीं मिली है। रूस ने बुधवार को कहा कि उसे ईरान से अमेरिका की कथित 15 सूत्री योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है और वह ऐसी रिपोर्टों की विश्वसनीयता का आकलन नहीं कर सकता। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों को बताया कि मॉस्को को तेहरान से इस प्रस्ताव के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं मिली है।

ट्रंप का प्रस्ताव सौंपा गया

रॉयटर्स और एपी एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान ने ट्रंप का 15 सूत्री प्रस्ताव ईरानी प्रशासन को सौंप दिया है। अभी ईरान की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका की जीत का दावा किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने कभी परमाणु हथियार न बनाने/रखने पर सहमति जताई है और हार्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित एक “महत्वपूर्ण पुरस्कार” दिया है। साथ ही उन्होंने तीन सप्ताह के युद्ध में अमेरिका की जीत की घोषणा की। हालांकि ईरान ने ट्रंप के तमाम दावों से इंकार किया है। उसने कहा कि कोई बातचीत नहीं हो रही है।

ट्रंप के दावों के बाद ईरान ने कहा कि वो स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ बातचीत नहीं करेगा, क्योंकि ब्रिटेन की तरह ही ईरान भी उन्हें "इसराइल के एजेंट" मानता है। ईरान ने वैंस के साथ बातचीत करने की मांग की है। ईरान से जुड़ी यह खबर एसोसिएटेड फ्रांस (एएफ) ने दी है। उपराष्ट्रपति वैंस, जिन्होंने खुद को ईरान युद्ध का विरोधी और राष्ट्रपति का समर्थक बताया है, अब ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत करेंगे। लेकिन यह सूचना सूत्रों के हवाले से है।

ईरान से कौन-कौन कर रहा बातचीत

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान “डील” करने के लिए उत्सुक है। उन्होंने संकेत दिया कि उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, मध्य पूर्व विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जारेड कुश्नर बातचीत का नेतृत्व कर रहे हैं।

रिजीम बदल गया हैः ट्रंप

ट्रंप ने कहा, “यह वास्तव में हम जो चाहते थे, वह रिजीम चेंज है। आप जानते हैं, यह शासन में बदलाव है क्योंकि नेता वे नहीं हैं जिनसे हम शुरू में मिले थे, जिन्होंने सारी समस्याएं खड़ी की थीं।” उन्होंने कहा कि ईरान की वर्तमान नेतृत्व व्यवस्था में बड़े पैमाने पर बदलाव हो चुके हैं।
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शरीफ के संदेश का समर्थन

ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए संदेश का समर्थन किया, जिसमें शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मदद करने और शांति वार्ता की मेजबानी की पेशकश की थी।
मार्कवेन मुलिन को नए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के सचिव पद की शपथ दिलाने के बाद ट्रंप ने कहा, “मैं पहले से कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन उन्होंने सहमति जता दी है कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं रखेंगे।”

ईरान से होर्मुज पर बड़े गिफ्ट का दावा

ट्रंप ने बताया कि ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका को हार्मुज जलडमरूमध्य और तेल के प्रवाह से संबंधित एक “महत्वपूर्ण पुरस्कार” दिया है। उन्होंने कहा, “कल उन्होंने जो किया, वह अद्भुत था। उन्होंने हमें एक तोहफा दिया। वह तोहफा आज पहुंचा। यह बहुत बड़ा तोहफा था, जिसकी कीमत अरबों डॉलर में है। मैं आपको नहीं बताऊंगा कि वह तोहफा क्या है, लेकिन यह बहुत महत्वपूर्ण था। और उन्होंने हमें दिया।”


ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह तोहफा परमाणु हथियार से संबंधित नहीं था, बल्कि तेल और गैस से जुड़ा था। उन्होंने कहा, “इसका मतलब मेरे लिए यही था कि हम सही लोगों से बात कर रहे हैं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध जीत लिया गया है। “मुझे यह कहना पसंद नहीं है, लेकिन हमने यह युद्ध जीत लिया है… हम ऐसे युद्ध नहीं जीत रहे जहां उनके पास नौसेना नहीं है, एयर फोर्स नहीं है, कुछ भी नहीं है। हम तेहरान और उनके देश के अन्य हिस्सों के ऊपर विमान उड़ा रहे हैं। वे कुछ नहीं कर सकते।”
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिसका इस्तेमाल मध्य पूर्व के अमेरिकी सहयोगियों के खिलाफ किया जा सकता था। “हमने इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया। अगर हमने B-2 बॉम्बर्स से हमला नहीं किया होता, तो उस हमले के दो हफ्ते बाद उनके पास परमाणु हथियार हो जाता। वे इसका इस्तेमाल जरूर करते और पूरे मध्य पूर्व में, इजराइल सहित, करते।”

रक्षा सचिव ने भी हां में हां मिलाई

रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, “इतिहास में कभी भी किसी आधुनिक सैन्य शक्ति को इतनी तेजी और निर्णायक रूप से नष्ट नहीं किया गया। ईरान के पास आधुनिक नौसेना, आधुनिक वायुसेना, आधुनिक एयर डिफेंस, नेतृत्व और विशाल बंकर थे। कभी भी किसी आधुनिक सैन्य शक्ति को पहले दिन से ही भारी आग के साथ इतनी तेजी से नष्ट और पराजित नहीं किया गया।”

ईरान पुराने स्टैंड पर कायम- कोई बातचीत नहीं

ट्रंप की इस घोषणा के बीच ईरान ने बातचीत से इनकार किया है और कहा है कि कोई बातचीत नहीं हो रही। पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता की मेजबानी करने की पेशकश की है, जिसे ट्रंप ने सराहा है। तीन सप्ताह से चल रहे इस संघर्ष में अमेरिका और इसराइल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं और सैन्य ठिकानों पर भारी हमले किए हैं।