अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के दौरान गिराए गए विमानों की संख्या बढ़ाकर 10 बता दी है। इससे पहले वह अलग-अलग मौकों पर इस संख्या को पांच, सात और आठ बताते रहे थे। ट्रंप अब तक 80 बार दोनों देशों के बीच युद्ध रुकवाने का दावा कर चुके हैं। 
ट्रंप ने यह टिप्पणी फॉक्स बिजनेस को दिए एक इंटरव्यू में की, जो बुधवार को प्रसारित हुआ। इंटरव्यू के दौरान जब एंकर ने उनकी व्यापार में “रेसिप्रोसिटी पॉलिसी” और टैरिफ के इस्तेमाल की तारीफ की, तो ट्रंप ने कहा कि उन्होंने आठ युद्ध सुलझाए हैं और उनमें से कम से कम छह टैरिफ के कारण खत्म हुए।
ट्रंप ने कहा, “मैंने कहा कि अगर आप यह युद्ध नहीं रोकते हैं तो मैं आप पर टैरिफ लगा दूंगा, क्योंकि मैं लोगों को मरते हुए नहीं देखना चाहता। उन्होंने पूछा कि इसका इससे क्या लेना-देना है, तो मैंने कहा कि आप पर टैरिफ लगाया जाएगा।”
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भारत-पाकिस्तान तनाव का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, “मेरे विचार में भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध हो सकता था। वे बहुत आक्रामक तरीके से लड़ रहे थे। दस विमान गिराए गए थे।”
पिछले 10 महीनों में ट्रंप 80 बार दावा कर चुके हैं कि संघर्ष के दौरान विमान गिराए गए थे, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये विमान किस देश के थे। शुरुआत में उन्होंने पांच जेट गिराए जाने की बात कही थी, जिसे बाद में अक्टूबर में सात और नवंबर में आठ बताया। 
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें “कम से कम एक करोड़ जान बचाने” के लिए धन्यवाद दिया था। ट्रंप ने कहा कि अगर टैरिफ की धमकी नहीं दी जाती तो संघर्षविराम नहीं होता।
उन्होंने आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच दशकों पुराने संघर्ष का भी जिक्र किया और कहा कि अगस्त 2025 में उनके मध्यस्थता प्रयासों से वहां शांति समझौते की दिशा में प्रगति हुई।
ट्रंप ने पिछले 50 वर्षों के सभी अमेरिकी राष्ट्रपतियों को व्यापार के मामले में “खराब” बताया और कहा कि वह खुद व्यापार में बेहद सफल हैं।

भारत-पाक संबंधों पर असर

भारत की ओर से बार-बार ट्रंप के इन दावों का खंडन किया गया कि किसी तीसरे देश ने मध्यस्थता करके भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रुकवाया। यहां तक पीएम मोदी ने भी कहा कि भारत-पाक संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) रुकवाने में किसी देश की भूमिका है। लेकिन सितंबर 2025 में व्हाइट हाउस में मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप को मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिन चले सैन्य टकराव में संघर्षविराम कराने में भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद दिया था। यानी ट्रंप की मध्यस्थता की पुष्टि पाकिस्तान के पीएम ने कर दी।
अप्रैल 2025 में कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था, जिन्हें इस्लामाबाद ने खारिज किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच ऑपरेशन सिंदूर हुआ जो मई में संघर्षविराम की घोषणा के साथ खत्म हुआ।
इस बीच, हाल ही में अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते की भी घोषणा की गई है। इसके कुछ दिनों बाद भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तीन दिवसीय अमेरिका दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की।