बातचीत की पेशकश पर किए गए डोनाल्ड ट्रंप के दावे को ईरान द्वारा खारिज किए जाने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। यह बयान उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया है, जहां उन्होंने लिखा, "उनकी एयर डिफेंस, एयर फोर्स, नेवी और लीडरशिप खत्म हो चुकी है। वे बात करना चाहते हैं। मैंने कहा - 'टू लेट!' (बहुत देर हो गई!)" मंगलवार को जिनेवा में यूनाइटेड नेशंस में ईरान के राजदूत ने फिलहाल यूनाइटेड स्टेट्स के साथ किसी भी बातचीत से इनकार कर दिया है।

ट्रंप का यह ताज़ा बयान तब आया है जब एक दिन पहले ही ईरान ने बातचीत की किसी पेशकश के ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया था। पहले ट्रंप ने सोमवार को कहा था कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन कुछ घंटे बाद ही तेहरान ने कहा कि वह 'अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करेगा' और उसने इसराइल, पड़ोसी खाड़ी देशों व दुनिया के तेल और नैचुरल गैस प्रोडक्शन के लिए ज़रूरी ठिकानों पर हमला किया था।

शनिवार से शुरू हुई इस जंग में अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर बड़े हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई समेत कई बड़े नेता मारे गए हैं। ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एयर फोर्स, नेवी और कई महत्वपूर्ण जगहों को निशाना बनाया गया है। जवाब में ईरान ने भी इसराइल और खाड़ी के देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है और अमेरिका को काफी नुक़सान हुआ है।
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इसी बीच अब ट्रंप का नया बयान आया है। यह बयान अमेरिका और इसराइल की मिलिट्री कार्रवाई के चौथे दिन आया है। ट्रंप ने एक ओपिनियन पीस पर कमेंट करते हुए यह ताज़ा पोस्ट लिखी है। ट्रंप की यह बात मार्क थिएसेन के कॉलम के जवाब में आई, जो एक कॉलमिस्ट और व्हाइट हाउस के स्पीचराइटिंग के पूर्व डायरेक्टर हैं। उन्होंने लिखा था, 'रीगन की तरह, प्रेसिडेंट ने भी ज़मीन पर सैनिक उतारे बिना दुनिया को बदलने का तरीका ढूंढ लिया है।'

ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल या अन्य मीडिया की कुछ रिपोर्टों को गलत और शर्मनाक बताया है और उनका कहना है कि अमेरिका के पास अनलिमिटेड हथियार हैं। ये मध्यम दर्जे से ऊपरी स्तर के हथियार जो बेहद खतरनाक और घातक हैं।

ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में अपने संबोधन में कहा था कि ईरान के खिलाफ जंग की शुरुआती योजना 4 से 5 हफ्ते की थी, लेकिन अमेरिकी मिलिट्री इससे कहीं ज्यादा समय तक लड़ सकती है।

ट्रंप ने कहा, 'हमारे पास हथियारों का बहुत बड़ा स्टॉक है। हम इस जंग को हमेशा के लिए और बहुत सफलता से लड़ सकते हैं।' उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, 'यूनाइटेड स्टेट्स स्टॉक्ड है और बड़ा जीतने के लिए तैयार है!'

यह जंग अमेरिका और इसराइल ने मिलकर शुरू की है। उनका दावा है कि ईरान अमेरिका और उसके हितों के लिए बहुत बड़ा ख़तरा था, खासकर उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम और बैलिस्टिक मिसाइलों की वजह से। इसराइल ने रात में ईरान के प्रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स और सिक्योरिटी बिल्डिंग पर हमले किए।
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ईरान ने जवाब में इसराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए हैं। जंग अब और फैल गई है। लेबनान में ईरान के समर्थक हिजबुल्लाह पर भी हमले हो रहे हैं। कई जगहों पर ड्रोन अटैक हुए हैं, जिससे अमेरिका ने सऊदी अरब और कुवैत में अपने एम्बेसी बंद कर दी हैं। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट के कई देशों से अपने नागरिकों को तुरंत निकलने को कहा है।

ट्रंप ने पहले कहा था कि वे नई जंग से बचना चाहते हैं और इकोनॉमिक मुद्दों पर फोकस करना चाहते हैं। उन्होंने इराक और अफगानिस्तान जंग की आलोचना भी की थी। लेकिन अब उनकी दूसरी टर्म में यह बड़ा फैसला लिया गया है।

जानकारों का कहना है कि यह जंग लंबी चल सकती है और यह मिडिल ईस्ट में और अस्थिरता ला सकती है। ईरान के नए लीडर अब बातचीत से इनकार कर रहे हैं और लंबी जंग की तैयारी की बात कर रहे हैं। यह स्थिति बहुत गंभीर है और पूरी दुनिया पर इसका असर पड़ रहा है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, उड़ानें रद्द हो रही हैं, जहाज रुक गए हैं। लाखों भारतीय और अन्य विदेशी कामगार प्रभावित हैं।
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हो सकता है मैंने इज़राइल को मजबूर किया हो: ट्रंप

ओवल ऑफिस से एक चौंकाने वाले दावे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हो सकता है उन्होंने ईरान पर 'इसराइल को मजबूर किया हो'। उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि वॉशिंगटन ने सिर्फ़ इसलिए कार्रवाई की क्योंकि इसराइल पहले हमला करने की तैयारी कर रहा था।

रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप ने इस बात से इनकार किया कि इसराइल के ईरान पर हमला करने के प्लान ने उन्हें अमेरिकी हमले करने के लिए उकसाया। ईरान के बारे में उन्होंने कहा, 'अगर हम ऐसा नहीं करते तो वे हमला करने वाले थे, वे पहले हमला करने वाले थे।' उन्होंने कहा, 'मुझे इस बारे में बहुत पक्का यकीन था।'

उन्होंने कहा, 'अगर कुछ भी हो, तो हो सकता है मैंने इज़राइल को मजबूर किया हो, लेकिन इसराइल तैयार था, और हम तैयार थे, और हमारा बहुत, बहुत ज़बरदस्त असर हुआ है, क्योंकि उनके पास जो कुछ भी था, वह लगभग खत्म हो गया है। अब उनकी मिसाइलों की गिनती बहुत कम हो रही है।'