इस्लामाबाद में जारी कूटनीतिक बातचीत के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। अमेरिका की न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने ईरान के एक प्रमुख सूत्र के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका ने कतर और अन्य विदेशी बैंकों में फंसी ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज़ (जारी) करने पर सहमति दे दी है। इसे वॉशिंगटन की ओर से समझौते के प्रति “गंभीरता” का संकेत बताया गया है। हालांकि इस खबर या घटनाक्रम की पुष्टि अमेरिका की ओर से नहीं की गई है। बल्कि रॉयटर्स की खबर आने के बाद अमेरिका के तमाम सूत्र कह रहे हैं कि अभी किसी भी फंड को अनफ्रीज़ करने का फैसला नहीं लिया गया है।

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने सीबीएस न्यूज़ को बताया कि अमेरिका ने ईरान की किसी भी ज़ब्त संपत्ति को जारी करने पर सहमति नहीं जताई है। अभी तक बातचीत शुरू नहीं हुई है और किसी समझौते पर चर्चा नहीं हुई है।

सूत्र ने, पहचान गुप्त रखने की शर्त पर, बताया कि इन संपत्तियों को अनफ्रीज़ करना सीधे तौर पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने से जुड़ा है। यह मुद्दा इस्लामाबाद में हो रही बातचीत का एक प्रमुख मुद्दा भी है।
हालांकि, रॉयटर्स के ईरानी सूत्रों ने इन संपत्तियों में कुल फंड का खुलासा नहीं किया, लेकिन एक दूसरे ईरानी सूत्र ने बताया कि अमेरिका ने कतर में रखे लगभग 6 अरब डॉलर (लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक) के फंड को जारी करने पर सहमति जताई है।
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अमेरिका और कतर की ओर से कोई पुष्टि नहीं

इस मामले पर अभी तक अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं, कतर के विदेश मंत्रालय ने भी इस संबंध में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी हुई है।

2018 से फंसा हुआ है यह फंड

ईरान का करीब 6 अरब डॉलर 2018 में फ्रीज़ किया गया था। दरअसल, यह पैसा ईरान के दक्षिण कोरिया को किए गए तेल निर्यात से जुड़ा हुआ है। जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में ईरान पर फिर से प्रतिबंध लगाए और परमाणु समझौते को खत्म किया, तब यह फंड अमेरिका ने दक्षिण कोरियाई बैंकों में ब्लॉक कर दिया था।
बाद में, सितंबर 2023 में कतर की मध्यस्थता में अमेरिका-ईरान के बीच कैदी अदला-बदली समझौते के तहत इस राशि को कतर के बैंकों में ट्रांसफर किया गया था। इस समझौते में ईरान में बंद 5 अमेरिकी नागरिकों की रिहाई के बदले अमेरिका में हिरासत में रखे गए 5 ईरानियों की रिहाई और इस फंड को जारी करने का प्रावधान था।

फिर क्यों रोका गया फंड?

7 अक्टूबर 2023 को इसराइल पर हमास के हमले के बाद, तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने इस फंड को दोबारा फ्रीज़ कर दिया था। उस समय अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि ईरान को इस फंड तक निकट भविष्य में पहुंच नहीं दी जाएगी और वॉशिंगटन के पास इसे पूरी तरह रोकने का अधिकार रहेगा।
अमेरिका ने पहले यह भी कहा था कि इस फंड का इस्तेमाल सिर्फ इंसानी जरूरतों जैसे खाद्य सामग्री, दवाइयों, मेडिकल उपकरण और कृषि उत्पादों के लिए ही किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल पर अमेरिकी ट्रेजरी की सख्त निगरानी रहती है और भुगतान सीधे मंजूरशुदा एजेंटों को किया जाता है।

क्या ईरान-यूएस समझौता होगा?

इस्लामाबाद में जारी बातचीत के बीच यह घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है, खासकर जब वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा दांव पर लगी हो। फिलहाल दुनिया की नजरें इस्लामाबाद की इस बातचीत पर टिकी हैं, जहां आने वाले दिनों में कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।