ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में यूएस सैनिकों को लेकर एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो गया है। सैन डिएगो की एक डांसर (स्ट्रिपर) चार्म डेज ने अपने टिकटॉक वीडियो में दावा किया कि युवा अमेरिकी सैनिक खुलेआम अपनी आने वाली तैनाती की जानकारी साझा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सैनिक 'डिप्रेस्ड' होकर क्लब में भारी पैसे खर्च कर रहे हैं और कुछ तो सीधे कह रहे हैं कि वे अगले हफ्ते तैनात होने जा रहे हैं। लेकिन ऐसे युवा निराश दिख रहे थे।
वीडियो में चार्म डेज ने भावुक होकर कहा, "मैंने हाल ही में नोटिस किया है कि सभी मिलिट्री वाले क्लब में आ रहे हैं और अपना सारा पैसा खर्च कर रहे हैं। वे काफी डिप्रेस्ड लग रहे हैं। कई सैनिक मुझे सीधे बता रहे हैं कि 'हम अगले हफ्ते तैनात होने जा रहे हैं'। इन युवा लड़कों को 'अलविदा' कहते हुए मैं खुद भावुक होती जा रही थी।" उन्होंने कुछ सैनिकों को "बेबी-फेस्ड" और "फीटस" (नन्हे बच्चे जैसे) बताया, जो उनकी युवावस्था और मानवीय पक्ष को उजागर करता है।
सैन डिएगो अमेरिकी मिलिट्री का बड़ा हब है, जहां नेवल बेस सैन डिएगो, नेवल बेस कोरोनाडो और कैंप पेंडलटन जैसे प्रमुख ठिकाने हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी ग्राउंड ऑफेंसिव की अटकलें तेज हो गई हैं।

गैराल्ड आर फोर्ड युद्धपोत में आग लगने की घटना

अमेरिकी नौसेना इस बात की जांच कर रही है कि क्या USS Gerald R. Ford बेड़े पर तैनात कुछ सैनिकों ने अपनी तैनाती समाप्त कराने के लिए जानबूझकर अपने ही जहाज़ में आग लगाई। यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड पर आग लगने की घटना को लेकर अमेरिकी मीडिया में कई तरह की चर्चाएं हैं। कहा जा रहा है कि अमेरिकी सैनिक लगातार युद्ध में रहने से ऊब गए हैं और वे अब वापस यूएस में अपने घरों को लौटना चाहते हैं। हालांकि इसे विद्रोह तो नहीं माना गया लेकिन यह घटना उससे कम भी नहीं है। 13 अरब डॉलर की लागत से बना यह विमानवाहक पोत, जो मानव इतिहास का सबसे महंगा युद्धपोत (जंगी बेड़ा) माना जाता है, अब ग्रीस के नौसेना बेस पर मरम्मत के लिए भेज दिया गया है। ग्रीस के प्रतिष्ठित दैनिक अख़बार Kathimerini ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस घटना की जांच अमेरिकन नेवी कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं यह घटना क्रू मेंबरों द्वारा जानबूझकर की गई तोड़फोड़ का नतीजा हो सकती है।
अगर यह आरोप सही साबित होता है, तो यह आधुनिक अमेरिकी नौसेना के इतिहास की सबसे गंभीर आंतरिक अनुशासनात्मक घटनाओं में से एक होगी। युद्ध क्षेत्र में क्रू द्वारा अपने ही जहाज़ को नुकसान पहुँचाना केवल खराब भोजन या मौसम की वजह से नहीं होता। यह तब होता है जब संस्थागत दबाव सैनिक शक्ति को उस सीमा तक धकेल देता है जहाँ मिशन असहनीय लगने लगता है।

ट्रंप का भाषण और सैन्य तैयारियां

राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार दोहरा रहे हैं कि अमेरिका इस युद्ध से अगले दो-तीन हफ्तों में हट जाएगा। गुरुवार को अमेरिका को संबोधित करते हुए ट्रंप ने यह बात कही। दूसरी तरफ ट्रंप ने ईरान को धमकी भी दी है कि अगर डील नहीं हुई तो अमेरिका उसे पूरी तरह बर्बाद कर देगा।इस बीच, ट्रंप ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहे हैं। हाल ही में हजारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक, मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट्स और एलीट 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के कुछ हिस्सों को मध्य पूर्व में तैनात किया गया है। इसके साथ ही नौसेना के जहाज भी क्षेत्र में तैनात किए गए हैं।

सैन्य परिवारों में गुस्सा और चिंता

अमेरिका में इस युद्ध की तैयारी का समर्थन कम ही दिख रहा है। सेवा सदस्यों के परिवारों में गुस्सा और चिंता बढ़ रही है। वे इसे ट्रंप की आक्रामक मध्य पूर्व नीति से उपजा अनावश्यक युद्ध मान रहे हैं। पहले ही 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जिससे पूर्ण पैमाने के ग्राउंड ऑफेंसिव में और बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर सैनिकों के आंसू भरे विदाई के वीडियो वायरल हो रहे हैं। मां-बाप बेटों को गले लगाते हुए रो रहे हैं, जीवनसाथी टूट रहे हैं, बच्चे यूनिफॉर्म से चिपके हुए हैं। ये दृश्य सरकारी बयानबाजी के ठीक उलट इमोशनल काउंटरपॉइंट पेश कर रहे हैं। परिवारों के लिए यह तैनाती मौत का खतरा लेकर आ रही है।
चार्म डेज ने किसी खास यूनिट या टारगेट का खुलासा नहीं किया, लेकिन उनका वीडियो अमेरिका की ईरान तैनाती की स्केल को दर्शाता माना जा रहा है। मिलिट्री वेटरन्स और कमेंटेटर्स ने इस घटना को ऑपरेशनल सिक्योरिटी (OPSEC) का गंभीर उल्लंघन बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्ट्रिप क्लब जैसी सार्वजनिक जगहों पर लूज टॉक दुश्मनों को महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी दे सकता है।
मरीन ऑफिसर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर केगन डनलैप ने एक्स पर लिखा, "PSA: अपनी एडल्ट एंटरटेनर को मत बताओ कि तुम डिप्लॉय हो रहे हो। लोगों को याद दिलाओ, बार्बर से डिप्लॉयमेंट की बात मत करो, एडल्ट एंटरटेनर से डिप्लॉयमेंट, डेट, टाइम या लोकेशन की कोई जानकारी मत शेयर करो। क्योंकि वे नहीं जानते और वे टिकटॉक पर वीडियो डाल देंगे।"

पेंटागन की ओर से अभी तक किसी खास जासूसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चार्म डेज ने अपने वीडियो को व्यक्तिगत अवलोकन बताया है, न कि कोई अंदरूनी जानकारी। फिर भी यह घटना युवा सैनिकों पर पड़ रहे इमोशनल स्ट्रेस और स्मार्टफोन-सोशल मीडिया के युग में सीक्रेट्स रखने की मुश्किल को उजागर कर रही है।
यह वीडियो मिलियंस व्यूज हासिल कर चुका है और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मानवीय पक्ष को सामने ला रहा है, जहां सैनिकों और उनके परिवारों की भावनाएं सरकारी रणनीति से टकरा रही हैं।