बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक ताज़ा सर्वे में खुलासा हुआ है कि दलित वोटरों की पहली पसंद महागठबंधन है। सर्वे में यह भी कहा गया है कि दलितों के सबसे ज़्यादा पसंदीदा नेता तेजस्वी यादव हैं और ज़्यादातर लोग नीतीश सरकार के कामकाज से नाराज़ हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले दलित वोटरों को लेकर यह सर्वे किया गया है। यह सर्वे नेशनल कॉन्फ़ेडेरसन ऑफ़ दलित एंड आदिवासी ऑर्गेनाइजेशन और द कन्वर्जेंट मीडिया ने साथ में किया है। इस सर्वे में बताया गया है कि दलित वोटर क्या सोचते हैं। बिहार में किए गए इस सर्वे में दलित वोटरों की पहली पसंद महागठबंधन को बताया गया है। 46 फीसदी से अधिक वोटरों की पसंद महागठबंधन है और करीब 32 फीसदी की पसंद एनडीए है। जबकि करीब 22 फीसदी दलित वोटरों की पसंद दूसरी पार्टियाँ हैं।
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49% बोले- सरकार का कामकाज ख़राब

सर्वे में जब सवाल किया गया कि नीतीश सरकार के कामकाज को आप कैसे देखते हैं तो इसमें 45 फीसदी से अधिक लोगों ने सरकार का काम अच्छा बताया और ख़राब बताने वालों की संख्या क़रीब 49 फीसदी थी। इसके अलावा करीब 6 फीसदी की कोई राय नहीं थी।

दलितों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा क्या?

दलितों पर किए गए सर्वे में जब पूछा गया कि राज्य में सबसे बड़ा मुद्दा क्या है तो अधिकतर लोगों ने बेरोजगारी का नाम लिया। सर्वे के अनुसार 58.85 फीसदी लोगों ने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है। जबकि 14.68 फीसदी लोगों ने शिक्षा और स्वास्थ्य, 11.21 फीसदी लोगों ने भ्रष्टाचार, 9.45 फीसदी लोगों ने कानून व्यवस्था और 5.81 फीसदी लोगों ने पलायन को बड़ा मुद्दा बताया। 

जब यह पूछा गया कि जातिगत जनगणना का श्रेय आप किसे देते हैं तो सबसे ज़्यादा 33.15 फीसदी लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी का नाम लिया। राहुल गांधी को 30.81 फीसदी, तेजस्वी यादव को 27.57 फीसदी और अन्य को 8.47 फीसदी लोगों ने श्रेय दिया। 
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बिहार में दलित वोटरों का पसंदीदा नेता कौन? 

पसंदीदा नेताओं में तेजस्वी यादव सबसे आगे हैं। सर्वे के मुताबिक़ करीब 29 फीसदी ने तेजस्वी को अपना पसंदीदा नेता बताया और करीब 26 फीसदी ने चिराग पासवान को अपना पसंदीदा नेता बताया और करीब 23 फीसदी ने नीतीश कुमार को बताया। बाकी लोगों ने जीतन राम मांझी, प्रशांत किशोर जैसे नेताओं को पसंदीदा नेता बताया।

दलितों को अपना वोट छिन जाने का डर है?

नये वोटर लिस्ट में दलितों को अपना वोट छिन जाने का डर है? इस सवाल के जवाब में 71.55 फीसदी लोगों ने हाँ में जवाब दिया। जबकि 32.74 फ़ीसदी लोगों ने कहा कि उनको अपना वोट छिन जाने का डर नहीं है। 5.01 फ़ीसदी लोगों ने कोई राय नहीं दी। हालाँकि जब यह पूछा गया कि क्या आपको चुनाव आयोग पर भरोसा है तो 51.22 फीसदी लोगों ने हाँ में जवाब दिया। 27.42 फीसदी लोगों ने कहा कि उनको भरोसा नहीं है और 21.36 फीसदी लोगों ने कहा कि पता नहीं। 

सर्वे: दलितों के दिल में राष्ट्रीय नेता कौन? 

बिहार में राष्ट्रीय स्तर पर उनका पसंदीदा नेता कौन है? सर्वे में ये भी पूछा गया। करीब 41 फीसदी दलित वोटरों ने राहुल गांधी को अपना पसंदीदा नेता बताया और मोदी को 47.5 फीसदी ने अपना पसंदीदा नेता बताया। और 12 फीसदी से अधिक लोगों ने दूसरे नेताओं को अपना पसंदीदा नेता बताया।