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कार्यक्रम में मौजूद आयोजक व लोग।

केंद्रीय मंत्री तोमर के बर्थडे पर कोरोना हाॅट स्पाॅट इंदौर में जुटी भीड़, लूटा राशन

केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बर्थडे पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश के सबसे बड़े कोरोना हाॅट स्पाॅट इंदौर से दिल दहला देने वाली तसवीरें सामने आयीं। पूर्व विधायक और मध्य प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता ने अपनी राजनीति को चमकाने के लिए सोशल डिस्टेसिंग का खुलकर मजाक उड़ाया। तोमर के जन्मदिन पर राशन के दो हजार पैकेट बांटने के गुप्ता के एलान पर बेलगाम भीड़ उमड़ी और लोगों ने एक-दूसरे पर चढ़कर देर तक राशन की लूटपाट की।

सुदर्शन गुप्ता इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक एक से विधायक रहे हैं। शुक्रवार को प्रदेश भर में बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने तोमर का जन्म दिन अपने-अपने ढंग से मनाया।

सुदर्शन गुप्ता ने कमला नेहरू कालोनी में कार्यक्रम का आयोजन किया। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस कॉलोनी में कोरोना के तीन हाॅट स्पाॅट हैं। बावजूद इसके यहां जलसा रखा गया।

कार्यक्रम आरंभ होने से पहले ही भीड़ की शुरुआत हो गई थी। राशन बंटने की बारी आई तो कुछ वक्त तक तो ठीक चला। लाइन में लगकर कुछ लोगों ने राशन लिया। बाद में भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और राशन की लूटपाट शुरू हो गई। बेलगाम होती भीड़ को देख कार्यकर्ताओं को मौके से हटना पड़ा। पूर्व विधायक गुप्ता भी चुपचाप जलसे से निकल गये। 

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खाद्यान्न पैकेटों की छीना-झपटी को देखकर ऐसा अहसास हुआ कि जलसे में आये लोग इस बात को भूल गये हैं कि इंदौर मध्य प्रदेश का वह शहर है जहां कोरोना के अब तक सबसे ज्यादा रोगी मिले हैं। सबसे ज्यादा मौतें भी कोरोना से इसी शहर में हुई हैं। 

ज्यादा से ज्यादा राशन के पैकेट पाने और हथियाने की होड़ में लोग एक-दूसरे पर चढ़कर पैकेटों की लूटपाट करते रहे। ऐसे में कार्यकर्ताओं और मौक़े पर मौजूद मामूली पुलिस बल के सामने मूकदर्शक बने रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। पूरे पैकेट लूटने के बाद ही भीड़ छंटी।

आयोजन को लेकर खड़े हुए ढेरों सवाल

इस घटनाक्रम ने प्रशासन के हाथ-पैर फुला दिये। अफसर इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देने से बचते रहे। इंदौर शहर के युवा और जागरूक पत्रकार आकाश चौकसे ने ‘सत्य हिन्दी’ से बात करते हुए सवाल उठाया कि अनेक शर्तों के साथ लॉकडाउन में दी गई छूट के बीच इस तरह का जलसा करने की अनुमति प्रशासन ने आखिर क्यों दी? उन्होंने यह भी सवाल किया कि सुदर्शन गुप्ता ने आयोजन की अनुमति कब और किस भरोसे के साथ प्रशासन से विधिवत मांगी?

प्रश्न यह भी है कि प्रशासन ने यदि अनुमति दी थी तो अनुमति के साथ क्या शर्तें लगाई गईं थीं? यदि अनुमति नहीं दी गई थी तो इतना बड़ा आयोजन आखिर हो कैसे गया?
भीड़ के जुटने की शुरुआत के समय ही प्रशासन और पुलिस हरकत में क्यों नहीं आए? क्यों सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ने दी गईं?

‘खाद्यान्न नहीं कोरोना बांटा, एफ़आईआर हो’ 

घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस सक्रिय हो गई। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इंदौर के डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र को ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में पूर्व विधायक गुप्ता और बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ तत्काल एफ़आईआर कर गिरफ्तार किए जाने की मांग की गई।

प्रदेश कांग्रेस के सचिव राकेश सिंह यादव ने कहा, ‘सुदर्शन गुप्ता और बीजेपी के लोगों ने केन्द्रीय मंत्री तोमर के जन्मदिन पर इंदौर के गरीबों को राशन नहीं, मुफ्त में कोरोना बांट दिया है।’ यादव ने कहा, ‘लाॅकडाउन शर्तों पर है। भीड़ जुटने पर पाबंदी है। बावजूद इसके सत्तारूढ़ दल के लोगों पर प्रशासन की मेहरबानी किसी भी सूरत में समाज, शहर, प्रदेश और देश हित में नहीं है। कानून सबके लिए समान है, अतः बिना देर किए दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए।’

सुदर्शन गुप्ता ने मांगी माफी

घटनाक्रम के बाद हंगामा और राजनीति तेज हुई तो सुदर्शन गुप्ता ने एक वीडियो जारी करके सफाई दी। उन्होंने दावा किया कि पूरा कार्यक्रम व्यवस्थित था। सोशल डिस्टेसिंग के लिए आयोजन स्थल पर गोले बनवाये गये थे। राशन वितरण के लिए टोकन बांटे गये थे। 

गुप्ता ने कहा, ‘बिना टोकन वाले लोगों के घुसने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मची। बाद में कार्यकर्ताओं ने सब कुछ संभाल लिया। मैं मौक़े से निकल गया था। मेरे जाने के बाद भी कुछ समय के लिए भीड़ बेकाबू हुई। इसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं।’

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गुप्ता ने भविष्य में ऐसे आयोजन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने और अफरा-तफरी ना होने देने का भरोसा भी अपने वीडियो संदेश में दिलाया। 

इंदौर में क़रीब चार हजार संक्रमित 

इंदौर में शुक्रवार शाम तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 हजार 972 हो चुकी थी। पिछले 24 घंटों में शहर में 50 नये रोगी मिले थे। एक नई मौत के साथ इंदौर में कोरोना से मरने वालों की संख्या भी 164 हो गई है। कुल रोगियों में 2 हजार 673 ठीक हो चुके हैं। इन्हें अस्पतालों से छुट्टी मिलने की बात अधिकारिक बुलेटिन में कही गई थी। 

पहले भी हुआ है ऐसा 

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विधायक पुत्र आकाश विजयवर्गीय पर भी लाॅकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेसिंग के उल्लंघन के आरोप लग चुके हैं। ग़रीबों को राशन बांटने की रणनीति बनाने के लिए उन्होंने लाॅकडाउन के बीच में अपने विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं की बड़ी बैठक बुलाई थी। 

इसके अलावा बीजेपी के सांसद शंकर ललवानी के घर से लगे अन्य घर में कोरोना पाॅजिटिव मिलने के बाद भी उनके क्षेत्र को कंटेनमेंट ज़ोन में तब्दील ना करने के आरोप भी लगे हैं। 

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संजीव श्रीवास्तव
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