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क्या दबाव बनाने की कोशिश है नवाब मलिक के दामाद की गिरफ़्तारी?

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बुधवार को महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक के दामाद समीर ख़ान को गिरफ़्तार कर लिया। एनसीबी ने यह गिरफ़्तारी ड्रग्स से जुड़े एक मामले में की है। समीर को चार अन्य लोगों के साथ समन भेजा गया था। इन लोगों में एक ब्रिटिश नागरिक करन संजानी और मुंबई की मुच्छड़ पानवाला नाम की दुकान के सह मालिक राम कुमार तिवारी का भी नाम शामिल है। 

पिछले शनिवार को करन संजानी को भांग और मारिजुआना रखने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक़, एनसीबी के एक अफ़सर ने कहा, ‘हमें पता चला है कि संजानी और समीर के बीच में एक पेमेंट ऐप के जरिये पैसों का कुछ लेन-देन हुआ था। हमने उनसे इस बारे में पूछा कि यह पेमेंट किस चीज को लेकर हुई थी।’ 

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महा विकास अघाडी सरकार में शामिल एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने दामाद की गिरफ़्तारी पर कहा है कि कोई भी क़ानून से ऊपर नहीं है और यह सभी के लिए बराबर है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि क़ानून इस मामले में अपना काम करेगा और न्याय होगा। हालांकि मलिक ने कुछ दिन पहले कहा था कि एनसीबी ड्रग्स बेचने वालों को पकड़ने के बजाए इसका इस्तेमाल करने वालों को पकड़कर सिर्फ़ लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश कर रही है। 
देखिए, संजय राउत से खास बातचीत- 

महाराष्ट्र का सियासी संग्राम

महाराष्ट्र में चल रही बीजेपी और महा विकास अघाडी सरकार की लड़ाई में जांच एजेंसियों के जरिये दोनों ओर से एक-दूसरे पर दबाव बनाया जा रहा है। हाल ही में जब शिव सेना सांसद संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को पीएमसी बैंक से जुड़े एक मामले में ईडी ने समन किया तो इसे लेकर महा विकास अघाडी के तीनों दलों ने नाराज़गी जाहिर की थी। 

इससे पहले शिव सेना विधायक प्रताप सरनाइक के ठिकानों पर ईडी छापेमारी कर चुकी है तो बीजेपी से एनसीपी में आए वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे को भी ईडी की ओर से समन भेजकर उनसे पूछताछ की जा चुकी है। दूसरी ओर, उद्धव सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ड्रीम प्रोजेक्ट जलयुक्त शिवार योजना में हुए कथित घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर बीजेपी को जवाब देने की कोशिश की है। 

Nawab Malik son in law sameer khan arrested - Satya Hindi

एनसीबी के निशाने पर बॉलीवुड 

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही एनसीबी ने बॉलीवुड में ड्रग्स कनेक्शन की जांच को लेकर ताबड़तोड़ छापेमारी भी की और फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों को पूछताछ के लिए भी बुलाया। इनमें दीपिका पादुकोण से लेकर, उनकी मैनेजर करिश्मा प्रकाश, अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर और डिजाइनर सिमोन खंबाटा का नाम शामिल है। 

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सवालों के घेरे में है एनसीबी 

बॉलीवुड में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही एनसीबी के कामकाज पर सवाल भी उठ रहे हैं। एनसीबी पर यह आरोप लग रहे हैं कि वह दबाव डालकर अपनी मनमर्जी का काम कराना चाहती है। एनसीबी पर करण जौहर की कंपनी धर्मा एंटरटेनमेंट के पूर्व एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर क्षितिज प्रसाद के उत्पीड़न का आरोप लग चुका है। क्षितिज कह चुके हैं कि ड्रग्स मामले में फ़िल्म निर्माता करण जौहर का नाम लेने को लेकर उन पर दबाव डाला गया था। 

क्षितिज ने फ़िल्मी दुनिया के सितारे रणबीर कपूर, अर्जुन रामपाल और डिनो मोरिया को झूठा फंसाने के लिए एनसीबी की ओर से दबाव डालने की बात भी कही थी। हालांकि एनसीबी ने इन आरोपों को नकार दिया था।

सिने अदाकारा कंगना रनौत के विवादत बयानों के बाद बॉलीवुड से होती हुई यह लड़ाई राजनीति तक भी पहुंची और कंगना के भद्दे बयानों का शिव सेना और महा विकास अघाडी सरकार ने जोरदार जवाब दिया। 

महा विकास अघाडी सरकार और बीजेपी के बीच जारी जंग में नवाब मलिक ऐसे नेता हैं, जो काफी मुखर रहे हैं। मलिक पार्टी और सरकार का पक्ष रखने के लिए मीडिया के सामने आते हैं और जिस तरह का माहौल महाराष्ट्र में है, उसमें वर्षा राउत को ईडी द्वारा समन किए जाने के बाद नवाब मलिक के दामाद को गिरफ़्तार किए जाने से यह साफ हो गया है कि नेताओं की ये लड़ाई अब उनके घर परिवारों तक पहुंच रही है।

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