इंडिया यूएस ट्रेड डील, एपस्टीन फाइल्स और अमेरिका में अडानी केस को लेकर पीएम मोदी पर लगातार हमलावर राहुल गांधी ने उनको अब बड़ी चुनौती दी है। उन्होंने एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस पर पीएम मोदी को कंप्रोमाइज़्ड बताकर चुनौती दी है कि यदि उनमें दम है तो यूएस ट्रेड डील रद्द करके दिखाएँ। उन्होंने अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील को देश को बेचने वाला क़रार दिया।

राहुल ने ये बातें कांग्रेस के 'किसान महाचौपाल' कार्यक्रम में कहीं, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस कार्यक्रम में हजारों किसान शामिल हुए और ट्रेड डील के खिलाफ आवाज़ उठाई गई।

किसान महाचौपाल में क्या हुआ?

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को कांग्रेस ने 'किसान महाचौपाल' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने किसानों से बात की और मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना की। खड़गे ने मोदी को 'कायर प्रधानमंत्री' कहा और बोले कि वे आंखों में आंखें डालकर बात नहीं कर सकते। उन्होंने ट्रेड डील को किसानों के लिए ख़तरा बताया और कहा कि इससे किसानों की आजीविका पर असर पड़ेगा। राहुल गांधी ने भी यहां पर अमेरिका के साथ डील को लेकर मोदी को घेरा। उन्होंने कहा कि यह डील हमारे किसानों, टेक्सटाइल उद्योग और देश के डेटा को अमेरिका के हाथों सौंप देगी। कार्यक्रम में कांग्रेस ने किसानों से अपील की कि वे इस डील के खिलाफ एकजुट हों।
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'एपस्टीन फाइल्स, अडानी केस का डर'

राहुल गांधी ने ट्रेड डील के संदर्भ में ही एपस्टीन फाइल्स, हरदीप पुरी और अमेरिका में अडानी पर चल रहे केस का ज़िक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस के डर से प्रधानमंत्री मोदी ने यह सौदा किया। उन्होंने एक दिन पहले ही एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, 'मोदी जी, आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं। एपस्टीन फाइल्स में आपका, आपके मंत्री और आपके मित्र का नाम साथ में आना, ऐसे घिनौने अपराधी के साथ आपका नाम जुड़ा होना - ये शर्म की बात है।' मंगलवार को किसान महाचौपाल में भी उन्होंने कंप्रोमाइज्ड पीएम कहकर हमला किया और इसे देश के लिए घातक बताया।

चार माह से डील क्यों रुकी हुई थी?

राहुल ने आरोप लगाया कि चार महीने से अमेरिका के साथ ट्रेड डील रुकी हुई थी, लेकिन मोदी ने दो वजहों से इसे साइन कर दिया-
  • पहला, एपस्टीन फाइल्स का डर। उन्होंने कहा कि अमेरिका में लाखों फाइलें हैं, जिनमें ईमेल, मैसेज और वीडियो हैं। अमेरिका ने धमकी देने के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम रिलीज किया।
  • दूसरा कारण अडानी पर अमेरिका में चल रहा क्रिमिनल केस है। राहुल ने कहा कि अडानी बीजेपी और मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर हैं, इसलिए यह केस अडानी पर नहीं, बल्कि मोदी और बीजेपी पर है।
राहुल ने चुनौती दी,
नरेंद्र मोदी को मेरा चैलेंज है, अगर दम है तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करके दिखाएं। लेकिन मोदी ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि एपस्टीन फाइल्स का डर और अडानी केस का डर है।
राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता

व्यापार समझौता देश को बेचने वाला: राहुल

राहुल ने ट्रेड डील को देश बेचने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इस डील से भारत का डेटा अमेरिका को दे दिया गया, किसानों को खत्म कर दिया गया और टेक्सटाइल इंडस्ट्री बर्बाद हो गई। उन्होंने संसद में अपने भाषण में जिउ-जित्सु का उदाहरण देकर समझाया था कि मोदी पर अमेरिका ने 'ग्रिप्स' और 'चोक्स' लगा रखे हैं। राहुल ने पूछा कि क्यों अमेरिकियों को खुश करने के लिए किसानों की कुर्बानी दी गई? क्यों भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया गया? क्यों हर साल 100 बिलियन डॉलर के अमेरिकी आयात बढ़ाने पर सहमति दी गई? उन्होंने कहा कि यह डील भारत को 'डेटा कॉलोनी' बना देगी।

राहुल ने कहा, "21वीं सदी में 'डेटा' सबसे जरूरी चीज है। जिसके पास डेटा होगा वो जीतेगा। जिसके पास डेटा नहीं होगा, वो ख़त्म हो जाएगा। आज दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा हिंदुस्तान के पास है। हिंदुस्तान के डेटा के बिना अमेरिका, चीन का मुकाबला नहीं कर सकता। लेकिन इस डील में नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान का सारा का सारा डेटा अमेरिका के हवाले कर दिया है। यानी- नरेंद्र मोदी ने अमेरिका से डील करके किसानों को तबाह कर दिया, हमारा डेटा सौंप दिया और हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री को ख़त्म कर दिया।"
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'जो उचित समझो, वो करो'

राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की किताब का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि संसद में वे इस किताब पर बात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। किताब में लिखा है कि चीन के टैंक भारतीय सीमा की तरफ आ रहे थे। जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजित डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर ऑर्डर मांगा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। दो घंटे बाद राजनाथ ने पीएम मोदी से बात की और मोदी ने कहा, "जनरल नरवणे से कह दो- जो उचित समझो, वो करो।" राहुल ने कहा कि उस दिन सरकार और पीएम ने सेना को अकेला छोड़ दिया। जब चीन को रोकने का समय आया, तो मोदी गायब हो गए। उन्होंने कहा कि संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद पहला स्पीकर लोकसभा में विपक्ष का नेता होता है, लेकिन इतिहास में पहली बार उन्हें बोलने नहीं दिया गया।

एआई समिट में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन का समर्थन

राहुल ने एआई समिट में यूथ कांग्रेस के 'शर्टलेस' प्रदर्शन का समर्थन किया। पीएम मोदी ने इसे 'गंदी और नंगी राजनीति' कहा था। जवाब में राहुल ने कहा कि अहिंसा और लोकतांत्रिक विरोध देश की बुनियाद है। उन्होंने यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब और अन्य कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की निंदा की और कहा कि कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
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राहुल के आरोपों को बीजेपी लगातार बेबुनियाद बता रही है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि 2014 में भारत-अमेरिका व्यापार 74 बिलियन डॉलर था, जो अब 190 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। एपस्टीन फाइल्स पर बीजेपी ने कहा कि मोदी का नाम किसी जांच या दस्तावेज में नहीं है। हरदीप सिंह पुरी ने सफाई दी कि उन्होंने एपस्टीन से 3-4 बार मिले थे, लेकिन कैबिनेट में शामिल होने से पहले, और यह पहले से पब्लिक है।

यह घटना राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रही है। कांग्रेस ट्रेड डील को किसानों के खिलाफ बता रही है, जबकि सरकार इसे विकास का कदम कह रही है। आने वाले दिनों में इस पर और बहस हो सकती है।