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उन्नाव: दिल्ली में होगी सुनवाई, 45 दिन में फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उन्नाव रेप पीड़िता से जुड़े सारे केसों पर सुनवाई 45 दिनों के भीतर पूरी की जाए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार उन्नाव रेप पीड़िता को 25 लाख रुपये की मदद दे। कोर्ट ने कहा है कि पीड़िता की माँ, भाई-बहनों और वकील को भी सीआरपीएफ़ की सुरक्षा दी जाए। इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि पीड़िता को एम्स लाने के बारे में फ़ैसला उसका परिवार ले।
कोर्ट ने उन्नाव रेप केस से जुड़े सभी मामलों को यूपी से दिल्ली ट्रांसफ़र कर दिया है। सुनवाई के दौरान चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) रंजन गोगोई ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि उन्हें उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे और अन्य मामलों की जाँच के लिए कितना समय चाहिए। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से एक महीने का वक़्त माँगा। इस पर सीजेआई ने कहा कि एक महीना बहुत ज़्यादा है, आप 7 दिन में जाँच पूरी कीजिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सड़क हादसे की चार्जशीट दिल्ली के कोर्ट में दाख़िल की जाए। सीजेआई रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल से पूछा था कि क्या आर्म्स ऐक्ट में पीड़िता के पिता की गिरफ़्तारी हुई थी? क्या पीड़िता के पिता की मौत हिरासत में हुई थी?
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बता दें कि उन्नाव की बलात्कार पीड़िता के परिवार की ओर से सीजेआई रंजन गोगोई को पत्र भेजा गया था। यह पत्र पीड़िता के परिवार की ओर से 12 जुलाई को भेजा गया था और इसमें बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के गुर्गों की धमकियों के बारे में बताया गया था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई में सीजेआई रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से जवाब माँगा था कि पीड़िता के परिवार की ओर से लिखे गए पत्र को उनके सामने लाने में देरी क्यों हुई।बता दें कि बलात्कार पीड़िता की गाड़ी को ट्रक से टक्कर मारे जाने की घटना के बाद से ही पीड़िता के परिजन यह कह रहे थे कि यह घटना विधायक के इशारे पर हुई है। परिजनों ने यह भी कहा था कि विधायक के गुर्गे लगातार उन्हें धमका रहे थे।
बता दें कि पीड़िता की बहन ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के लोग उन्हें धमकाने आते थे। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति विधायक की क़रीबी शशि सिंह का पति है। शशि सिंह पीड़िता के साथ हुए बलात्कार के मामले में पिछले साल से ही जेल में बंद है। 
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रविवार को पीड़िता जब रायबरेली जेल में बंद अपने चाचा से मिलने जा रही थी तो रास्ते में उनकी गाड़ी को ग़लत दिशा से आ रहे एक ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी थी। इस घटना में पीड़िता की मौसी और चाची की मौत हो गई थी जबकि ख़ुद पीड़िता और वकील की हालत बेहद गंभीर है। इस मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी गई है। मामले में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उनके भाई मनोज सिंह सेंगर और 8 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ हत्या, हत्या की साज़िश रचने का मुक़दमा दर्ज कराया गया है। पीड़िता के चाचा की शिकायत पर यह मुक़दमा दर्ज कराया गया है।
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पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उन्नाव के बांगरमऊ से बीजेपी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने उसके साथ जून, 2017 में अपने आवास पर बलात्कार किया था। पीड़िता ने कहा था कि तब वह अपने एक रिश्तेदार के साथ नौकरी माँगने के लिए विधायक के पास गई थी। 

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