अनाज भंडारों का उपयोग करने की इच्छाशक्ति की कमीवीडियो|मुकेश कुमार |17 Apr, 2020लॉकडाउन को महीना होने जा रहा है मगर सरकार ज़रूरतमंदों तक मदद नहीं पहुँचा पाई है। ये तब है जब अनाज भंडार भरे हुए ही नहीं हैं बल्कि अनाज सड़ रहा है, बरबाद हो रहा है, चूहे खा रहे हैं। ख़तरा यह है कि उसकी नाकामी कहीं कानून व्यवस्था का संकट न खड़ा कर दे।सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करेंमुकेश कुमारलेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। मुकेश कुमार की और स्टोरी पढ़ेंसावरकर को गाँधी की हत्या मामले में क्यों नहीं हुई थी सज़ा?पिछली स्टोरी Satya Hindi News। सत्य हिंदी न्यूज़ बुलेटिन- 17 अप्रैल, शाम तक की ख़बरेंअगली स्टोरी