लॉकडाउन को महीना होने जा रहा है मगर सरकार ज़रूरतमंदों तक मदद नहीं पहुँचा पाई है। ये तब है जब अनाज भंडार भरे हुए ही नहीं हैं बल्कि अनाज सड़ रहा है, बरबाद हो रहा है, चूहे खा रहे हैं। ख़तरा यह है कि उसकी नाकामी कहीं कानून व्यवस्था का संकट न खड़ा कर दे।
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