हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप की चूलें हिला दी हैं, मगर इसका प्रधानमंत्री मोदी और उनकी पार्टी पर क्या असर पड़ेगा? क्या न खाऊंगा और न खाने दूंगा का दावा ध्वस्त नहीं हो जाएगा?
हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप की चूलें हिला दी हैं, मगर इसका प्रधानमंत्री मोदी और उनकी पार्टी पर क्या असर पड़ेगा? क्या न खाऊंगा और न खाने दूंगा का दावा ध्वस्त नहीं हो जाएगा?