क्या चुनाव में हार और साझा सरकार के दबाव ने मोदी को बदलने के लिए मजबूर किया है? क्या उन्होंने अहंकार और बदले की भावना छोड़ी है? क्या उन्होंने और उनकी पार्टी ने मुसलमानों को टारगेट बनाना कम किया है? प्रो. मुकेश कुमार के साथ चर्चा मेंं हिस्सा ले रहे हैं-श्रवण गर्ग, प्रो. अपूर्वानंद और क़ुरबान अली-











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