क्या चुनाव में हार और साझा सरकार के दबाव ने मोदी को बदलने के लिए मजबूर किया है? क्या उन्होंने अहंकार और बदले की भावना छोड़ी है? क्या उन्होंने और उनकी पार्टी ने मुसलमानों को टारगेट बनाना कम किया है? प्रो. मुकेश कुमार के साथ चर्चा मेंं हिस्सा ले रहे हैं-श्रवण गर्ग, प्रो. अपूर्वानंद और क़ुरबान अली-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























