प्रधानमंत्री ने लाल क़िले से अपने भाषण में मौजूदा सिविल कोड को सांप्रदायिक क्यों कहा? क्या ये बाबा साहब अंबेडकर और संविधान निर्माताओं का अपमान नहीं है? क्या उन्हें देश से माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए?
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























