प्रधानमंत्री ने लाल क़िले से अपने भाषण में मौजूदा सिविल कोड को सांप्रदायिक क्यों कहा? क्या ये बाबा साहब अंबेडकर और संविधान निर्माताओं का अपमान नहीं है? क्या उन्हें देश से माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए?
प्रधानमंत्री ने लाल क़िले से अपने भाषण में मौजूदा सिविल कोड को सांप्रदायिक क्यों कहा? क्या ये बाबा साहब अंबेडकर और संविधान निर्माताओं का अपमान नहीं है? क्या उन्हें देश से माफ़ी नहीं मांगनी चाहिए?