आज उत्तराखंड सरकार ने कहा कि पतंजलि ने उनके यहाँ कोरोना की दवा के लायसेंस का आवेदन नहीं किया था बल्कि खांसी जुकाम और इम्यूनिटी बूस्टर दवा के उत्पादन व विपणन के लिए आवेदन किया था । ग़लतबयानी और बिना अनुमति के कोरोना की दवा के प्रचार प्रसार के कारण रामदेव कई क़ानूनों के उल्लंघन के दोषी बन गये हैं जिनमें जेल जाने तक का प्रावधान है । विवरण दे रहे हैं शीतल पी सिंह।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।
















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