लोकसभा अध्यक्ष के मुद्दे पर मोदी ने विपक्ष के साथ टकराव मोल लेकर क्या संदेश दिया है? क्या वे विपक्ष के साथ मिलकर चलने को राज़ी नहीं है? अगर उनका यही रवैया रहा तो मध्यावधि चुनाव कितनी दूर हैं?
लोकसभा अध्यक्ष के मुद्दे पर मोदी ने विपक्ष के साथ टकराव मोल लेकर क्या संदेश दिया है? क्या वे विपक्ष के साथ मिलकर चलने को राज़ी नहीं है? अगर उनका यही रवैया रहा तो मध्यावधि चुनाव कितनी दूर हैं?